भोपाल: जीआरपी भोपाल की एक टीम लावारिस मासूम बच्ची के परिजन की तलाश में पुणे के लिए रवाना हो गई है. बच्ची को आटो में छोड़ने वाली दो महिला और एक पुरुष सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं. कैमरे में दिख रहे संदिग्धों को भी चिन्हित कर उनकी तलाश की जा रही है. इधर मासूम को गोद लेने के लिए भी लोग आगे आ रहे हैं. बच्ची को एनजीओ के संरक्षण में सुरक्षित रखा गया है.
जीआरपी थाना प्रभारी जहीर खान ने बताया कि स्टैंड़ पर खड़े आटो में बच्ची को छोड़ने वाली दो महिलाएं और एक पुरूष सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं. बच्ची को जिस महिला ने गोद में लिया था. उसने पुणे जाने की ट्रेन में जनरल टिकट भी लिया. एक पुरुष के साथ महिला को एक दूसरी महिला के साथ स्टेशन पर देखा गया. तीनों की तलाश में जीआरपी की एक टीम पुणे के लिए रवाना हो गई है. मासूम को छोड़कर जाने वाले इन संदिग्धों पर जीआरपी की कड़ी निगरानी बनी है. जहीर खान ने बताया कि बच्ची को किलकारी एनजीओ के संरक्षण में रखा गया है, जहां वह स्वस्थ है.
इसके साथ ही बच्ची के स्टेशन परिसर में पाए जाने की सूचना पर कई दंपति कानूनी प्रक्रिया के तहत बच्ची को गोद लेने की भी मांग कर रहे हैं. फिलहाल जीआरपी का पूरा फोकस बच्ची के परिजनों की तलाश में बना हुआ है. आखिर क्या वजह रही की महिला को बच्ची को लावारिस हालत में छोड़कर पुणे जाने वाली ट्रेन पकड़नी पड़ी. जीआरपी भोपाल पूरे मामले की जांच में जुटी है.बता दें कि करीब एक माह की मासूम बच्ची को तीन दिन पहले रेलवे स्टेशन भोपाल के प्लेटफॉर्म-6 की तरफ स्टैंड पर खड़े आटो में रोते देखा गया. बच्ची के रोने की आवाज सुनकर आटो चालक वहां पहुंचे और बच्ची के परिजनों को तलाशा. इसके जीआरपी को इसकी सूचना दी गई.
