ब्रासीलिया, ब्राजील के राजनीतिक इतिहास में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने कड़े मुकाबले के बाद लगातार दूसरी बार राष्ट्रपति चुनाव जीतकर दुनिया को चौंका दिया है। चुनाव के पहले दौर में दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी फ्लेवियो बोल्सोनारो से पिछड़ने के बाद, लूला ने अपनी रणनीति में अमूल्य बदलाव किया। उन्होंने अपनी इस ऐतिहासिक जीत का पूरा श्रेय सोशल नेटवर्किंग ऐप व्हाट्सएप और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को दिया है, जिसके दम पर उन्होंने निर्णायक चरण में 51.8 प्रतिशत वैध वोट हासिल कर चौथी बार राष्ट्रपति बनने का गौरव प्राप्त किया।
‘लूला आर्मी’ व्हाट्सएप चैनल के फॉलोअर्स तीन हफ्ते में बढ़कर हुए 1.1 करोड़, युवा इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल कैंपेन ने बदल दी चुनावी तस्वीर
चुनाव प्रचार के दौरान अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए लूला ने बताया कि उन्होंने हाल ही में अपना पहला स्मार्टफोन खरीदा और खुद को मजाकिया अंदाज में ‘सेल्फी का राजा’ कहा। पहले दौर के बिखरे हुए प्रचार के बाद उनकी टीम ने युवा राजनीतिक इन्फ्लुएंसर्स की मदद ली और डिजिटल मोर्चे पर जंग छेड़ दी। ‘लूला आर्मी’ नाम का व्हाट्सएप चैनल महज तीन सप्ताह के भीतर 60 हजार से बढ़कर सीधे 1.1 करोड़ फॉलोअर्स तक पहुंच गया। इसके जरिए मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित किया गया, जिससे दक्षिणपंथी खेमे के मजबूत ऑनलाइन प्रचार का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में मदद मिली।
बोल्सोनारो परिवार की वापसी के डर और कल्याणकारी योजनाओं के दम पर युवाओं ने सड़कों पर किया समर्थन, मिली बड़ी राजनीतिक सफलता
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के इस आक्रामक डिजिटल अभियान के पीछे पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के परिवार की सत्ता में वापसी का मुख्य डर भी था। जेल में बंद जेयर बोल्सोनारो के बेटे फ्लेवियो बोल्सोनारो को मिल रहे समर्थन को रोकने के लिए रियो डी जनेरियो और साओ पाउलो जैसे प्रमुख शहरों में युवा और छात्र बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। इसके साथ ही, कर्मचारियों के लिए सप्ताह में दो दिन के अवकाश और चुनाव से पहले कल्याणकारी भुगतानों के मास्टरस्ट्रोक ने लूला की नैया पार लगाने में अहम भूमिका निभाई।

