रीवा जिले में बोर्ड परीक्षा परिणाम को लेकर शिक्षा विभाग अब सख्त मूड में है। फरवरी माह में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा आयोजित की जा रही है। वार्षिक परीक्षा से ठीक 3 माह पहले लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सभी प्राचार्यों को तैयार रहने का निर्देश दिया है। इस बार रिजल्ट में लापरवाही बरतने वाले प्राचार्य और शिक्षकों पर गाज गिरना तय है।
50 प्रतिशत से कम रिजल्ट पर रुकेगी वेतन वृद्धि
डीपीआई द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि अगर किसी स्कूल का बोर्ड परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत से कम आया तो संबंधित स्कूल के प्राचार्य और संबंधित विषय के शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के तहत उनकी वेतनवृद्धि रोकी जाएगी। साथ ही नियमानुसार कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। गौरतलब है कि बीते वर्ष बोर्ड का परीक्षा परिणाम अन्य वर्षों की तुलना में कम था, जिसके बाद विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है।
नवंबर में छमाही परीक्षा, उसी के आधार पर होगी फाइनल तैयारी
बताया गया है कि आगामी नवंबर माह में बोर्ड की छमाही परीक्षा आयोजित की जा रही है। छमाही परीक्षा के परिणाम के आधार पर ही वार्षिक परीक्षा की तैयारी की जाएगी। गौरतलब है कि जिले के अधिकतर स्कूलों में बोर्ड के छात्रों की रेमेडियल कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। छमाही परीक्षा के परिणाम के बाद शेष बची स्कूलों में भी रेमेडियल कक्षाएं संचालित होने की संभावना है।
शिक्षकों में हड़कंप, तैयारी तेज
डीपीआई के इस आदेश के बाद जिले के शासकीय स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। सभी स्कूलों में अब बोर्ड के छात्रों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रीवा भी लगातार इसकी मॉनिटरिंग कर रहा है।
