भोपाल। ISBT बस स्टैंड पर वर्मा ट्रेवल्स की 8 बसों में लगी आग ने परिसर की सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार शाम करीब पौने सात से सात बजे के बीच एक बस में लगी आग आसपास खड़ी दूसरी बसों तक फैल गई। रात 8 बजे तक कई बसें जलकर खाक हो चुकी थीं। हादसे में करीब 4 से 5 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। राहत की बात यह रही कि घटना के समय बसें खाली थीं और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।
इस घटना के बाद ISBT परिसर में बसों की संख्या और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक, ISBT के बैकयार्ड में दिनभर में करीब 50 से 70 बसें खड़ी होती हैं, जबकि वर्मा ट्रेवल्स के पास ही 70 से ज्यादा बसें हैं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में बसों की आवाजाही और पार्किंग वाले परिसर में आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम होना बेहद जरूरी है।
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान स्थानीय लोगों ने बताया कि दमकल की गाड़ियां करीब 15 मिनट में मौके पर पहुंच गई थीं। हालांकि, उनका कहना है कि परिसर में पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और ऐसी जगह पर दमकल की गाड़ी की स्थायी तैनाती होनी चाहिए। इसके अलावा, परिसर में कुछ CCTV कैमरे चालू हैं, जबकि कुछ बंद बताए जा रहे हैं। ऐसे में आग लगने की वजह का पता लगाने और परिसर की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
वहीं, पुलिस का कहना है कि आग लगने के कारणों की जांच जारी है और फिलहाल कोई ठोस सुराग सामने नहीं आया है। घटनास्थल पर FSL टीम पहुंचकर साक्ष्य जुटाएगी। जांच रिपोर्ट दो से तीन दिन में आने की उम्मीद है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को हटाया। अब जांच के नतीजों के साथ यह भी अहम होगा कि ISBT परिसर में अग्निशमन व्यवस्था, पानी की उपलब्धता और बंद CCTV कैमरों को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं। आखिर इतने बड़े बस स्टैंड पर आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए कितनी तैयारी है और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए क्या बदलाव किए जाएंगे, ये बड़े सवाल हैं।
