सुल्तानपुर, लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने वर्ष 2018 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई एक टिप्पणी से जुड़े बहुचर्चित मानहानि मामले में सुनवाई पूरी करते हुए राहुल गांधी को दोषमुक्त कर बरी कर दिया है। इससे पहले लखनऊ से सुल्तानपुर आने के दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर उनके काफिले की कुछ गाड़ियां आपस में टकरा गई थीं, जिसमें गनीमत रही कि राहुल गांधी पूरी तरह सुरक्षित रहे और समय पर अदालत में पेश हुए।
शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ने 2018 में दर्ज कराया था परिवाद, अदालत में चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आया फैसला
यह पूरा मामला मई 2018 का है, जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस बयान से आहत होकर सुल्तानपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को अदालत में मानहानि का परिवाद दर्ज कराया था। लंबी न्यायिक प्रक्रिया और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अंततः अदालत ने राहुल गांधी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए केस को खारिज कर दिया।
फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल, ढोल-नगाड़ों के साथ बांटी गईं मिठाइयां और सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
अदालत द्वारा राहुल गांधी को बरी किए जाने की खबर मिलते ही सुल्तानपुर न्यायालय परिसर के बाहर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने ढोल बजाकर और एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर जोरदार जश्न मनाया। इस दौरान अदालत परिसर और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर पूर्व मंत्री ओपी सिंह के नेतृत्व में हजारों की संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे। संभावित भीड़ और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने अदालत के चारों ओर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए थे।

