रीवा के सिरमौर में प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध की आग अब राजधानी भोपाल के दिल व्यापमं चौराहे तक पहुंच गई है। रविवार को विंध्य के लोगों के साथ कांग्रेस नेता दिलीप तिवारी धरने पर बैठ गए और सरकार को सीधी चुनौती दे दी।
तिवारी ने कहा – “हम अपनी जान देने को तैयार हैं, लेकिन अपनी जमीन और पानी को जहरीला नहीं होने देंगे।”
24 दिन से आंदोलन, 6 दिन से जल सत्याग्रह
दिलीप तिवारी ने बताया कि रीवा के रोझौही और सरई कला में पिछले 24 दिनों से लगातार आंदोलन चल रहा है और 6 दिन से किसान पानी में उतरकर जल सत्याग्रह कर रहे हैं। वे खुद भी 2 दिन तक जल सत्याग्रह में शामिल रहे। आंदोलनकारियों के समर्थन में ही विंध्य के लोग भोपाल में धरना दे रहे हैं।
गुढ़ सोलर प्लांट का दिया उदाहरण – रोजगार का झूठा वादा
सरकार के रोजगार वाले दावे पर तिवारी ने बड़ा हमला बोला। उन्होंने गुढ़ में लगे सोलर प्लांट का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी कहा गया था कि क्षेत्रीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, लेकिन आज तक एक भी युवा को रोजगार नहीं मिला। लोग आज भी रोजगार के लिए दूसरे जिलों और शहरों में भटक रहे हैं। विंध्य में रोजगार के दूसरे अवसर विकसित करो, परमाणु प्लांट हमें मंजूर नहीं।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
तिवारी ने रीवा की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलते हुए कहा कि यहां अस्पतालों में सिर्फ बिल्डिंग हैं, सुविधाएं नहीं। आए दिन लापरवाही सामने आती है – जिंदा व्यक्ति को मृत बता दिया जाता है, कुत्ते के काटने पर सांप के काटने का इंजेक्शन लगा दिया जाता है, कई गर्भवती महिलाओं की मौत हो चुकी है।
उन्होंने पूछा – जब सरकार एक अस्पताल नहीं संभाल पा रही, तो न्यूक्लियर प्लांट में किसी हादसे के बाद लोगों की सुरक्षा कैसे करेगी?
