
उज्जैन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 में महाकाल लोक का लोकार्पण किया था उसके बाद अब एक बार फिर काल भैरव लोक आकर लेगा। सिंहस्थ-2028 को लेकर महाकाल की नगरी में धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। भगवान कालभैरव मंदिर में महालोक निर्माण की तैयारियां शुरू की जा रही हैं।
सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास की व्यवस्थाओं में व्यापक बदलाव किया जाएगा। श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन के साथ पार्किंग, पेयजल, आवागमन और मंदिर से बाहर निकलने के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। रविवार को कलेक्टर रौशनकुमार सिंह कालभैरव मंदिर पहुंचे और यहां प्रस्तावित विकास कार्यों के साथ मौजूदा व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
कालभैरव महालोक निर्माण के दौरान श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था प्रभावित नहीं हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाएंगे। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद मंदिर में प्रवेश और दर्शन के रास्तों में परिवर्तन किया जाएगा। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए मंदिर के आंतरिक और बाहरी परिसर में जगह-जगह स्पष्ट सूचना एवं दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे। इन पर दर्शन मार्ग में होने वाले परिवर्तन की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी।
कालभैरव महालोक निर्माण की तैयारियों के बीच सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की होगी। मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जबकि शनिवार, रविवार और विशेष पर्वों पर भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही, कतार व्यवस्था और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। सिंहस्थ-2028 से पहले मंदिर क्षेत्र को सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। इस दौरान अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक, एसडीएम एलएन गर्ग सहित उज्जैन विकास प्राधिकरण के अधिकारी और इंजीनियर मौजूद रहे।
