
उज्जैन। महाकाल की प्रथम सवारी में चैतन्य भैरव नारी शक्ति झांझ मंडली की बालिकाओं ने अपने शानदार प्रदर्शन से एक बार फिर प्रथम स्थान प्राप्त कर परचम लहराया है। 45 बालिकाओं की इस टीम ने प्राचीन वेशभूषा धारण कर झांझ वादन के जरिए सनातन धर्म के संस्कारों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
पिछले 15 वर्षों से बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्यरत यह टीम सिर्फ उज्जैन में ही नहीं, बल्कि रतलाम, देवास, उन्हेल, राजगढ़ और राजस्थान के भीलवाड़ा, भिलाड़ा व बूंदी जैसे शहरों में भी अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त कर चुकी है। सवारी के दौरान तेलीवाड़ा चौराहा स्थित भैरु महाराज मंदिर पर चैतन्य भैरव मित्र मंडली के राकेश तिवारी, बसंत परिहार और दारा सिंह राणा सहित पूरी मित्र मंडली ने टीम का उत्साहवर्धन किया। सभी अतिथियों ने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और बेटियों को सशक्त बनाने के निरंतर प्रयासों के लिए कोच पूजा बिटिया की सराहना करते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने कामना की कि पूजा बिटिया इसी तरह आगे बढ़ती रहें, ताकि देश और दुनिया में नारी शक्ति का यह संदेश मजबूती से पहुंच सके।
आत्मरक्षा के लिए सिखाए जाते हैं शस्त्र
सनातन धर्म के संरक्षण के साथ-साथ बेटियों को सशक्त बनाने के लिए उन्हें शिक्षा के अलावा आत्मरक्षा में भी निपुण किया जा रहा है। कोच पूजा के नेतृत्व में बालिकाओं को लाठी, तलवार, कराटे और मिक्स मार्शल आर्ट का यह विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि बेटियां सामान्य कामकाज के साथ अपनी रक्षा स्वयं कर सकें।
