सतना: उपायुक्त डॉ. अनुराग तिवारी ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी तीन दिनों के भीतर शहर के सभी स्थानों से कचरे के ढेर पूरी तरह हटाए जाएं। उन्होंने दो टूक कहा कि निर्धारित समयसीमा के बाद शहर में कहीं भी कचरे का ढेर दिखाई नहीं देना चाहिए।
सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि नगर निगम के सफाई कर्मचारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र से एकत्रित कचरे को शहर में निर्धारित 88 स्थलों तक पहुंचाएंगे, जहां से रेमकी कंपनी के वाहनों द्वारा नियमित उठाव एवं परिवहन किया जाएगा। उन्होंने निगम के सफाई अमले और रेमकी कंपनी के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने तथा निर्धारित स्थलों पर कचरे का अनावश्यक जमाव रोकने के निर्देश दिए।
सुपरवाइजर होंगे जिम्मेदार
उपायुक्त डॉ. तिवारी ने स्पष्ट किया कि सफाई कर्मचारियों की कार्यस्थल पर वास्तविक भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करना संबंधित सुपरवाइजर की जिम्मेदारी होगी। सुपरवाइजर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की उपस्थिति एवं सफाई कार्यों की नियमित निगरानी करेंगे। अनुपस्थिति अथवा कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित सुपरवाइजर की जवाबदेही तय की जाएगी।
खाली भूखंड में न मिले कचरा
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन खाली भूखंडों में कचरे के ढेर पाए जाते हैं, वहां चेतावनी सूचना चस्पा की जाए। नियमानुसार जिम्मेदारी निर्धारित कर संबंधित व्यक्ति को जुर्माने की रसीद जारी की जाएगी। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में लागू वैधानिक प्रावधानों के अनुसार संबंधित संपत्ति के संपत्तिकर खाते में राशि जोड़कर वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
दुकानदारों को सख्त चेतावनी
उपायुक्त ने शहर के समस्त दुकानदारों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रत्येक प्रतिष्ठान में डस्टबिन रखना अनिवार्य है। दुकानों से निकलने वाले कचरे को डस्टबिन में एकत्रित कर केवल निर्धारित कचरा संग्रहण वाहन को ही सौंपा जाए। दुकानों के सामने, सड़क, नाली, फुटपाथ अथवा सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की जाएगी।
गंदगी फैलाने पर लगेगा जुर्माना व कार्रवाई
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों पर निर्धारित दरों के अनुसार अर्थदंड लगाया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंककर गंदगी फैलाने पर ₹500, सड़क पर ठोस कचरा फेंकने पर संबंधित श्रेणी के अनुसार ₹200 अथवा ₹500, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट संबंधी नियमों के उल्लंघन पर ₹200 तथा प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियमों के उल्लंघन पर ₹250 का जुर्माना लगाया जाएगा।
इसी प्रकार सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जलाने संबंधी उल्लंघन पर ₹500 अथवा सफाई का वास्तविक खर्च, खुले में मलत्याग करने पर ₹1,000, पशुओं के मलमूत्र से गंदगी फैलाने पर ₹500, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर ₹300, खुले में पेशाब करने पर ₹750 तथा सीवरेज सिस्टम को अवरुद्ध करने पर ₹750 का अर्थदंड लगाया जाएगा।
