Mallika Sherawat Birthday Special: मुंबई, एक्ट्रेस मल्लिका शेरावत ने खुलासा किया है कि पिता के सख्त विरोध और परिवार का मान खराब होने के डर के बीच उन्होंने अपना नाम बदला और घर छोड़कर मुंबई का रुख किया था।
फिल्मी दुनिया में कदम रखना हर किसी के लिए आसान नहीं होता, खासकर तब जब अपनों का साथ ही छूट जाए। एक्ट्रेस मल्लिका शेरावत आज भले ही सिल्वर स्क्रीन से दूर हों, लेकिन उनके जीवन के संघर्ष और बेबाक अंदाज के किस्से अक्सर चर्चाओं में रहते हैं।
एक समय ऐसा भी था जब उनके सपनों की उड़ान को रोकने के लिए उनके अपनों ने ही पाबंदियां लगानी शुरू कर दी थीं। लेकिन उन्होंने अपने दम पर अपनी एक अलग कहानी बनाई और दुनिया के सामने यह साबित कर दिया कि हौसले बुलंद हों तो राहें खुद-ब-खुद बन जाती हैं।
जब पिता ने नाम बदनाम करने वाली बात
मल्लिका का जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ था जहाँ पुरानी सोच और परंपराओं का बोलबाला था। जब उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने का मन बनाया, तो उनके पिता ने इसका कड़ा विरोध किया। उनके पिता का मानना था कि फिल्म इंडस्ट्री में जाने से उनके फैमिली का नाम खराब हो जाएगा और समाज में उनकी प्रतिष्ठा खराब हो जाएगी।
पिता ने गुस्से में यहाँ तक कह दिया था कि वे उन्हें अपनी बेटी के रूप में स्वीकार नहीं करते। इस कड़े और अपमानजनक रवैये ने मल्लिका को अंदर तक तोड़ दिया था, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय पितृसत्तात्मक सोच के खिलाफ जाकर फैसला किया।
मां के लिए बदल डाला अपना सरनेम
जब बात आत्मसम्मान और अपने सपनों की आई, तो मल्लिका ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया। उन्होंने अपने पिता के उस ताने का जवाब देते हुए खुद ही अपने पिता का नाम त्यागने का फैसला कर लिया। रीमा लांबा से मल्लिका शेरावत बनने की यह कहानी बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक है।
मल्लिका ने अपने पिता के सरनेम को छोड़कर अपनी मां के लिए ‘शेरावत’ उपनाम अपना लिया। उनका मानना था कि उनकी माँ ने उन्हें हमेशा समझा और उनका सपोर्ट किया, इसलिए अपनी पहचान के साथ मां का नाम जोड़ना उनके लिए सबसे बड़ा संबल बन गया। यही वो मोड़ था जहां से रीमा लांबा ने हमेशा के लिए अलविदा कहकर मल्लिका शेरावत के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत की।
घर छोड़कर मायानगरी मुंबई का सफर
परिवार के विरोध और तीखे तानों के बाद मल्लिका ने घर छोड़ने का मुश्किल फैसला लिया। वे बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड और बिना किसी गॉडफादर के चकाचौंध की नगरी मुंबई आ गईं। यहाँ उनके लिए हालात बिल्कुल आसान नहीं थे, लेकिन उनका संघर्ष रंग लाया। उन्होंने फिल्म ख्वाहिश से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की, जिसमें उनके बोल्ड सीन ने खूब सुर्खियाँ बटोरीं।
इसके बाद आई इमरान हाशमी की फिल्म मर्डर ने उनके करियर को एक नई दिशा दी और वे रातों-रात स्टार बन गई थीं। इसके अलावा उन्होंने अक्षय कुमार स्टारर वेलकम और प्यार के साइड इफेक्ट्स जैसी बेहतरीन कॉमेडी और ड्रामा फिल्मों में भी अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया।
मुश्किल ऑडिशन से पड़ा गुजरना
कई लोग यह सोचते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाना आसान होता है, लेकिन मल्लिका शेरावत की ये जर्नी इस बात की गवाही देता है कि उन्होंने हर फिल्म के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने कभी भी बिना ऑडिशन के कोई काम स्वीकार नहीं किया।
यहाँ तक कि जैकी चैन जैसे अंतरराष्ट्रीय सुपरस्टार के साथ द मिथ जैसी फिल्म करने से पहले भी उन्हें कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ा था। आज भले ही उनके अपने परिवार के साथ रिश्ते कुछ हद तक सुधर गए हों और समय के साथ दूरियां कम हुई हों, लेकिन उनका यह संघर्ष इस बात की मिसाल है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपनों से बगावत करने की हिम्मत भी रखनी पड़ती है।
