शारजाह, 24 अक्टूबर (वार्ता) यूएई में खेली गई वनडे ट्राई-सीरीज के फाइनल में, शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत अफगानिस्तान ने जिम्बाब्वे को सात विकेट से हरा दिया। राशिद खान ने तीन विकेट लिए, जबकि मोहम्मद नबी, फजलहक फारूकी और बिलाल सामी ने दो-दो विकेट चटकाए। सिकंदर रजा के 68 रनों के बावजूद, जिम्बाब्वे की पूरी टीम 169 रनों पर सिमट गई। इब्राहिम जादरान ने 96 गेंदों पर नाबाद 70 रन बनाकर लक्ष्य का पीछा करने में अहम भूमिका निभाई। उन्हें रहमानुल्लाह गुरबाज (36) और रहमत शाह (43) का अच्छा साथ मिला, जिससे अफगानिस्तान ने 34.3 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने पूरी ट्राई-सीरीज में अजेय रहते हुए खिताब अपने नाम किया।
जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। ब्रायन बेनेट ने कुछ बाउंड्री जरूर लगाईं, लेकिन बाकी समय वह शांत रहे। अंततः, वह 21 गेंदों में 9 रन बनाकर अजमतुल्लाह उमरजई का शिकार बने। बेनेट के आउट होने से पहले, फारूकी ने तदिवनाशे मारुमानी को बोल्ड कर दिया था और तफादज्वा त्सिगा को भी सस्ते में पवेलियन भेज दिया था। इससे सातवें ओवर तक जिम्बाब्वे का स्कोर 3 विकेट पर 26 रन हो गया। इसके बाद बिलाल सामी ने ब्रेंडन टेलर को आउट किया; टेलर ने एक साधारण सी गेंद को विकेट के पीछे खेल दिया, जिससे जिम्बाब्वे का स्कोर 4 विकेट पर 55 रन हो गया।
सिकंदर रजा और रयान बर्ल ने पारी को संभालने की कोशिश की। उन्होंने अफगानिस्तान की अनुशासित गेंदबाजी का सामना किया और धीरे-धीरे रन बनाने के मौके तलाशे। रजा ने संघर्षपूर्ण अर्धशतक पूरा किया, जो वनडे में उनका 27वां अर्धशतक था। वहीं, बर्ल ने 45 गेंदों में 31 रन बनाए। इन दोनों के बीच 60 रनों की साझेदारी हुई, जिससे जिम्बाब्वे को वापसी की उम्मीद जगी, लेकिन मोहम्मद नबी ने बर्ल को डीप स्क्वायर लेग पर कैच कराकर इस साझेदारी को तोड़ दिया। इसके कुछ ही देर बाद, नबी ने वेस्ली मधेवेरे को स्टंप आउट कराया और इसी के साथ उन्होंने अपना 300वां अंतरराष्ट्रीय विकेट पूरा किया।
एक छोर पर लगातार विकेट गिरते देख, रजा ने पारी को संभालने की कोशिश की। लेकिन फिर राशिद ने कमान संभाली। उन्होंने ब्रैड इवांस को पगबाधा आउट किया और न्यूमैन न्यामहुरी को बोल्ड किया। इसके बाद रज़ा ने राशिद की गेंद पर एक छक्का जड़ा, लेकिन अगली ही गेंद पर वह लॉन्ग-ऑफ पर कैच आउट हो गए। आखिरी विकेट के लिए ब्लेसिंग मुज़राबानी और वेलिंगटन मसकाद्ज़ा ने 32 रनों की साझेदारी करके अफ़ग़ानिस्तान को काफी परेशान किया। आखिरकार सामी ने इस साझेदारी को तोड़ा और 44वें ओवर में ज़िम्बाब्वे की पूरी टीम को आउट कर दिया।
अफ़ग़ानिस्तान के ओपनर्स ने लक्ष्य का पीछा करते हुए तेज़ शुरुआत की। गुरबाज़ और ज़दरान ने ज़िम्बाब्वे के गेंदबाज़ों पर दबाव बनाया। गुरबाज़ ने 31 गेंदों की अपनी पारी में चार चौके और दो छक्के लगाए, लेकिन फिर न्यामहुरी की गेंद पर बैकवर्ड पॉइंट पर कैच आउट हो गए। सेदिकुल्लाह अटल भी न्यामहुरी का शिकार बने और 6 रन बनाकर आउट हुए। हालांकि, ज़दरान ने पारी को संभाले रखा और शानदार अर्धशतक पूरा किया। दूसरे छोर से रहमत ने उन्हें अच्छा साथ दिया और अफ़ग़ानिस्तान लगातार लक्ष्य की ओर बढ़ता रहा।
तीसरे विकेट के लिए दोनों ने 82 रन जोड़े। फिर रहमत 63 गेंदों की अपनी पारी के बाद आउट हो गए; वेस्ली मधेवेरे ने मिड-विकेट पर एक हाथ से शानदार कैच लपककर उन्हें पवेलियन भेजा। लेकिन यह सफलता बहुत देर से मिली और इससे मैच के नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ा। इसके बाद हशमतुल्लाह शाहिदी क्रीज़ पर आए और ज़दरान के साथ मिलकर आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया। 35वें ओवर में शाहिदी ने मधेवेरे की गेंद पर चौका जड़कर अफ़ग़ानिस्तान को 7 विकेट से जीत दिलाई और ट्राई-सीरीज़ का ख़िताब अपने नाम किया।
संक्षिप्त स्कोर: ज़िम्बाब्वे 43.3 ओवर में 169 रन पर ऑल-आउट (सिकंदर रज़ा 68, रयान बर्ल 31; राशिद खान 3-41, मोहम्मद नबी 2-25)। अफ़ग़ानिस्तान ने 34.3 ओवर में 170/3 रन बनाकर 7 विकेट से जीत दर्ज की (इब्राहिम ज़दरान 79*, रहमत शाह 43; न्यूमैन न्यामहुरी 2-30)।