ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र पर सवाल: डॉक्टर की पात्रता नहीं मिली सही

छिंदवाडा। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) का प्रमाण पत्र हासिल करने के मामले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिराठा में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेश गोन्नाडे की पात्रता पर सवाल खड़े हो गए हैं। वर्ष 2023 में जारी प्रमाण पत्र को लेकर हुई जांच में आय और संपत्ति संबंधी महत्वपूर्ण तथ्यों का उल्लेख नहीं किए जाने की बात सामने आई है। कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने जांच प्रतिवेदन आवश्यक कार्रवाई के लिए छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेन्द्र नारायण को भेज दिया है। जांच प्रतिवेदन के अनुसार, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते समय डॉ. गोन्नाडे ने परिवार की वार्षिक आय 7 लाख 2 हजार रुपये बताई थी। वहीं, नगरपालिका और राजस्व अभिलेखों के परीक्षण में उनके तथा उनके माता-पिता के नाम आवासीय, व्यावसायिक और कृषि संपत्तियां दर्ज मिलीं। आरोप है कि इन संपत्तियों का उल्लेख आवेदन, शपथ पत्र और जांच के दौरान दिए गए कथनों में नहीं किया गया।

जांच में सामने आईं आवासीय और कृषि संपत्तियां ०००००

अभिलेखों के अनुसार, पांढरी वार्ड में 800 वर्गफीट का आवासीय भवन, बम्हणी में आवासीय भूमि तथा देवखापा में उनकी माता के नाम 0.483 हेक्टेयर कृषि भूमि दर्ज पाई गई। तहसीलदार की जांच में संबंधित नगरपालिका और राजस्व अभिलेखों के आधार पर निष्कर्ष निकाला गया कि प्रमाण पत्र जारी होने के समय डॉ. गोन्नाडे निर्धारित पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करते थे।

जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी ००००

जांच प्रतिवेदन में आय और संपत्ति संबंधी तथ्यों को छिपाकर प्रमाण पत्र प्राप्त करने की शिकायत को सही पाया गया है। अब प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी और संबंधित पटवारी के विरुद्ध भी पृथक अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। मामले में जांच प्रतिवेदन छिंदवाड़ा कलेक्टर को भेजे जाने के बाद अब आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। यह प्रकरण ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया, संपत्तियों के सत्यापन और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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