शिवपुरी: सोशल मीडिया पर जाति, धर्म और समुदाय के नाम पर नफरत फैलाने वाली पोस्ट अब कार्रवाई की वजह बन सकती है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने गुरुवार कोआज फिर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत पूरे जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश में आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट करने के साथ ऐसी सामग्री को लाइक, शेयर और फॉरवर्ड करने पर भी रोक लगाई गई है।
प्रशासन का कहना है कि भ्रामक संदेश और अफवाहें अलग-अलग वर्गों के बीच तनाव पैदा कर सकती हैं और लोकशांति बिगाड़ सकती हैं। आदेश के अनुसार फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम सहित किसी भी मंच पर ऐसा संदेश, फोटो, वीडियो या ऑडियो प्रसारित नहीं किया जा सकेगा, जिससे धार्मिक, सामाजिक या जातिगत भावनाएं भड़कें। तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने, हिंसा या गैरकानूनी गतिविधियों के लिए उकसाने और लोगों को अवैध रूप से एकत्र होने का आह्वान करने वाली सामग्री पर भी प्रतिबंध रहेगा।
व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया समूहों के एडमिन को अपने ग्रुप में ऐसी सामग्री रोकने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी दी गई है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने यह आदेश जनसामान्य की सुरक्षा और जिले में शांति बनाए रखने के लिए जारी किया है।
