सीहोर। विद्युत वितरण कंपनी की मेंटेनेंस व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. बिजली लाइनों के रखरखाव के नाम पर आए दिन घंटों बिजली कटौती की जाती है, लेकिन जरा सी तेज हवा और बारिश के बाद ही व्यवस्था जवाब देती नजर आती है.
बीती शाम मौसम में आए बदलाव और हल्की बारिश के साथ चली तेज हवाओं का असर यह हुआ कि शहर के दो प्रमुख फीडरों से जुड़े उपभोक्ताओं को घंटों बिजली संकट का सामना करना पड़ा. आरएके फीडर क्षेत्र में दो हजार से अधिक उपभोक्ता अंधेरे में रहे, वहीं सुभाष फीडर से जुड़े इलाकों में भी शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही. इसके अलावा अन्य फीडरों पर भी बिजली की आवाजाही जारी रही.
बीती शाम आरएके फीडर के तारों पर पेड़ की डाल टूटकर गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. फीडर का क्षेत्र काफी बड़ा होने के कारण विद्युत कंपनी के कर्मचारियों को तत्काल फॉल्ट का पता नहीं चल सका. कर्मचारी रातभर बिजली लाइन में खराबी तलाशते रहे, लेकिन फॉल्ट का स्थान ढूंढने में ही करीब पांच घंटे लग गए.आखिरकार बढिय़ाखेड़ी क्षेत्र में पहुंचने पर तारों पर बेरी की डाल लटकी दिखाई दी, जिसके बाद बिजली गुल होने की वजह सामने आई. इसके बाद भी सुधार कार्य पूरा करने और आपूर्ति सामान्य करने में काफी समय लगा. इस दौरान दो हजार से अधिक उपभोक्ताओं को घंटों अंधेरे में रहना पड़ा.
इसी तरह सुभाष फीडर से जुड़े क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को भी बिजली संकट से राहत नहीं मिली. यहां फेस नहीं होने के कारण शाम 4 बजे से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही और रात 11 बजे तक लोग परेशान होते रहे.
