भोपाल। न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को हुए अग्निकांड के 12 दिन बाद भी बाजार की व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया है। पांच दुकानें जलने के बाद नगर निगम ने दुकानों के आगे पीली लाइन खींचने और हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में शिफ्ट करने की योजना बनाई थी, लेकिन अब तक दोनों फैसले जमीन पर लागू नहीं हो सके हैं। निगम की टीम रोज कार्रवाई के लिए पहुंचती है, ठेले हटवाती है और सामान जब्त करती है, लेकिन टीम के जाते ही हॉकर्स दोबारा अपनी दुकानें लगा लेते हैं।
‘यहां ग्राहक हैं, वहां कौन आएगा?’ शिफ्टिंग के विरोध में हॉकर्स
न्यू मार्केट के हॉकर्स का कहना है कि यहां उनकी ग्राहकी अच्छी है और इसी के भरोसे उनका कारोबार चलता है। अगर उन्हें टीटी नगर हाट बाजार में शिफ्ट किया गया, तो वहां ग्राहक नहीं पहुंचेंगे और उनका कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। हॉकर्स का दावा है कि न्यू मार्केट में जहां उनकी 100 प्रतिशत ग्राहकी है, वहीं नई जगह पर ग्राहकी लगभग शून्य हो जाएगी। उनका साफ कहना है कि अगर उन्हें वहां शिफ्ट होने के लिए कहा भी जाता है, तो वे जाने के लिए तैयार नहीं हैं।
हॉकर्स के मुताबिक, न्यू मार्केट में उन्हें लाइट, पानी और बिजली जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। टीटी नगर में शिफ्ट होने पर इन सुविधाओं की क्या व्यवस्था होगी, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनका यह भी कहना है कि अब तक उन्हें लिखित में कोई सूचना नहीं दी गई है कि हाट बाजार में उन्हें जगह कहां और किस तरह आवंटित की जाएगी। हॉकर्स को यह चिंता भी है कि उनके वहां पहुंचने से पहले से कारोबार कर रहे दुकानदारों और ठेले वालों को परेशानी हो सकती है।
निगम की कार्रवाई के बाद फिर सज जाते हैं ठेले
नगर निगम की टीम लगातार बाजार में पहुंचकर हॉकर्स को ठेले हटाने और निर्धारित जगह पर जाने के लिए कह रही है। कार्रवाई के दौरान सामान जब्त होने पर हॉकर्स उसे छुड़ाने के लिए संबंधित कार्यालय पहुंचते हैं। लेकिन कार्रवाई के बावजूद ठेले लगाने का सिलसिला बंद नहीं हुआ है। निगम की टीम के लौटते ही खाली हुई जगह पर फिर ठेले लग जाते हैं, जिससे बाजार की गलियां दोबारा संकरी हो जाती हैं।
अग्निकांड के बाद भी पीली लाइन का इंतजार
न्यू मार्केट में दुकानों के आगे सामान रखने और ठेले लगने से रास्ते संकरे हो जाते हैं। ऐसे में आग लगने जैसी आपात स्थिति में दमकल और राहत दल को मौके तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। अग्निकांड के बाद निगम अधिकारियों और व्यापारियों की बैठक में रास्ते खाली रखने पर सहमति बनी थी। इसके तहत दुकानों के आगे पीली लाइन खींचकर सामान रखने की सीमा तय की जानी थी और हॉकर्स को निर्धारित जगह पर बैठाना था। लेकिन 12 दिन बाद भी यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है।
निगम अधिकारी ट्रैफिक पुलिस के साथ बाजार की गलियों की चौड़ाई का आकलन कर रहे हैं। इसके आधार पर दुकानों के आगे सामान रखने के लिए 3 से 5 फीट तक की सीमा तय करने की योजना है। न्यू मार्केट में पहले भी कई बार पीली लाइन की मार्किंग की जा चुकी है, लेकिन समय के साथ निशान मिटने और दुकानों के आगे सामान बढ़ने से समस्या फिर खड़ी हो गई।
अब सवाल यह है कि अग्निकांड के बाद बाजार में सुरक्षा और रास्ते खाली रखने की व्यवस्था कब तक लागू होगी? साथ ही, हॉकर्स की ग्राहकी और रोजी-रोटी से जुड़ी चिंताओं का समाधान निकालकर शिफ्टिंग की योजना को कैसे आगे बढ़ाया जाएगा?
