
रीवा, रीवा जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था और आपातकालीन 108 एम्बुलेंस सेवा को कटघरे में खड़ा करने वाली एक बेहद गंभीर और हैरान करने वाली घटना सामने आई है. सिरमौर सिविल अस्पताल से रीवा संजय गांधी अस्पताल के लिए रेफर की गई एक महिला मरीज की जान उस वक्त आफत में पड़ गई, जब उन्हें ले जा रहा 108 एम्बुलेंस का चालाक नशे में चूर पाया गया.
आरोप है की चालक द्वारा एम्बुलेंस को सडक़ पर बेकाबू तरीके से लहराए जाने के कारण वाहन के भीतर गंभीर रूप से बीमार मरीज और उनके अटेंडर सीट से नीचे गिर गए. यह पूरी घटना बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात की बताई जा रही है. एम्बुलेंस के भीतर से आ रही चीख-पुकार को सुनकर पीछे बाइक से चल रहे परिजनों ने मुस्तैदी दिखाई और पीछा करके एम्बुलेंस को रुकवाया. इसके बाद वे मरीज को वाहन से उतारकर एक निजी गाड़ी के जरिए रीवा लेकर रवाना हुए. जानकारी के अनुसार सिरमौर के राजगढ़ निवासी दिवाकर कुशवाहा ने अपनी मां की तबीयत खराब होने पर उन्हें उपचार के लिए सिरमौर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था. शिकायतकर्ता दिवाकर कुशवाहा के मुताबिक, 108 एम्बुलेंस का चालक शराब के नशे में इस कदर धुत था कि उसे स्टेयरिंग पर नियंत्रण रखना भी भारी पड़ रहा था. वह एम्बुलेंस को सडक़ पर तेज रफ्तार में लहराते हुए चला रहा था. वाहन के इस तरह अनियंत्रित होकर दौडऩे की वजह से अंदर बैठी बीमार मरीज और उनकी देखभाल कर रहे अटेंडर का संतुलन बिगड़ गया और वे तड़पते हुए सीट से सीधे नीचे फर्श पर गिर पड़े. पीछे परिजन चल रहे थे जिन्होने आगे आकर एम्बुलेंस को रूकवाया तो पाया कि चालक नशे में धुत्त था. मरीज को एम्बुलेंस से उतार कर निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया.
