श्रीनगर, (वार्ता) केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने लेह में राज्य का दर्जा देने और लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराने की मांग को लेकर 24 सितंबर 2025 को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान भड़की हिंसा के सिलसिले में 10 लोगों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले वापस लेने की मंजूरी दे दी है।
श्री सक्सेना ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यह फैसला लद्दाख पुलिस की ओर से इन 10 लोगों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की सिफारिश के बाद लिया गया है।
उन्होंने कहा, “लद्दाख में एकता, आपसी विश्वास बहाल करने और स्थायी शांति को बढ़ावा देने की हमारी निरंतर प्रतिबद्धता के तहत मैंने पिछले साल 24 सितंबर 2025 को लेह में भड़की दुर्भाग्यपूर्ण हिंसा से जुड़े 10 लोगों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले वापस लेने की मंजूरी दे दी है।”
उपराज्यपाल ने कहा कि इस फैसले से इन लोगों को अपने करियर और जीवन में आगे बढ़ने का सकारात्मक अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कानूनी मुकदमेबाजी जारी रखने के बजाय न्याय, आपसी विश्वास की बहाली और हालात को सामान्य बनाने को प्राथमिकता दी गयी है।
उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य पूरे क्षेत्र में शांति, एकता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना है।
श्री सक्सेना ने पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति “सहानुभूतिपूर्ण और संवेदनशील दृष्टिकोण” अपनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और केंद्र शासित प्रदेश को संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान हुई झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। घटना के बाद केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने हिंसा की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे।