भोपाल: बैरागढ़ में 13 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या की वारदात वाली खंडहर मल्टी को तोड़ा जाएगा. पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने जोन-4 के अधिकारियों को इसके निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि खंडहर भवनों में दोबारा ऐसी वारदात होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
ऐसे में इन्हें हटाने के लिए जरूरी कार्रवाई की जाए. साथ ही शहर के दूसरे इलाकों में भी खाली और जर्जर भवनों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. शहर में भेल क्षेत्र, पिपलानी, गोविंदपुरा और साउथ टीटी नगर सहित कई इलाकों में खाली पड़े मकान और खंडहर भवन असामाजिक तत्वों के ठिकाने बन चुके हैं. इन जगहों पर नशेड़ियों का जमावड़ा रहता है. लंबे समय से वीरान पड़े इन भवनों की निगरानी नहीं होने से
इनका कहना…
भेल क्षेत्र में करीब 6,300 क्वार्टरों में से लगभग 3,000 मकान जर्जर और खंडहर हालत में हैं. पुलिस के मुताबिक, भेल के हजारों क्वार्टरों पिछले दस साल से अधिक समय से इसी स्थिति में पड़े हैं. इनका इस्तेमाल असामाजिक तत्व छिपने और नशा करने के लिए करते हैं. भेल के पास करीब 4,479 एकड़ जमीन है. राज्य सरकार लंबे समय से भेल के कब्जे से 1,146 हेक्टेयर जमीन वापस लेने की तैयारी कर रही है. जिला प्रशासन ने जमीन चिन्हित भी कर ली है, लेकिन भेल की आपत्तियों के चलते जमीन और उस पर मौजूद जर्जर क्वार्टरों को लेकर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है. ऐसे में खंडहर भवनों की समस्या बनी हुई है.
अपराध की हमेशा आशंका भी बनी रहती है.
खंडहर मल्टी प्राइवेट है. लंबे से समय से खाली पड़ी है. रिकंस्ट्रशन भी उसका नहीं होना है. ऐसे में उसे तोड़ने के लिए निर्देश दिए गए हैं.
संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर
