
भोपाल। विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से सोमवार को राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में 50 से अधिक स्थानों पर पथ संचलन और शस्त्र पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूर्ण गणवेश में हजारों स्वयंसेवकों ने अनुशासन के साथ कदमताल करते हुए संचलन में भाग लिया। विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। कार्यक्रमों में संघ की सौ वर्ष की यात्रा, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन और पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने पर जोर दिया गया।
अंबेडकर नगर की कोटरा बस्ती में सरस्वती स्कूल परिसर से निकले पथ संचलन में प्रांत संघचालक अशोक पांडे मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने संघ की स्थापना, उसकी सौ वर्ष की यात्रा और वर्तमान समय में संघ कार्य की भूमिका पर विचार रखे। उन्होंने समाज में जागरूकता, संगठन और सेवा भाव को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
वहीं, अंबेडकर नगर के नेहरू नगर बस्ती में डी सेक्टर स्थित पानी की टंकी के पास शस्त्र पूजन और पथ संचलन का आयोजन हुआ। इसमें भोपाल विभाग प्रचारक कैलाश लोवंशी ने पंच परिवर्तन की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक बदलाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी एवं शास्त्रीय गायक उल्लास तैलंग ने की। इस अवसर पर नगर संघचालक गोपालदास मेहता और अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक बिस्पुते भी उपस्थित रहे।
अंबेडकर बस्ती के आराधना उद्यान में आयोजित कार्यक्रम में तात्या टोपे भाग के भाग संघचालक ज्ञान प्रकाश तिवारी ने संघ की सौ वर्ष की यात्रा, सामाजिक समरसता और कुटुंब प्रबोधन पर विचार रखे। वक्ताओं ने परिवार को संस्कारों की पहली पाठशाला बताते हुए पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर सभी वर्गों के साथ मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
150 से अधिक संचलन निकालने की योजना
संघ की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, भोपाल में अब तक 68 पथ संचलन निकाले जा चुके हैं, जबकि 150 से अधिक संचलन आयोजित करने की योजना है। आगामी 25 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती के अवसर पर भी बड़ी संख्या में पथ संचलन निकाले जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से स्वयंसेवकों को सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया जा रहा है।
