नई दिल्ली, भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे विस्फोटक और निडर सलामी बल्लेबाजों में शुमार वीरेंद्र सहवाग आज अपना 48वां जन्मदिन मना रहे हैं। दिल्ली के नजफगढ़ से ताल्लुक रखने वाले ‘नजफगढ़ के नवाब’ के नाम से मशहूर सहवाग ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कई ऐसे कीर्तिमान रचे हैं, जो आज भी क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में ताजा हैं। इनमें से एक सबसे अनोखा और अविश्वसनीय रिकॉर्ड उन्होंने साल 2011 के वनडे वर्ल्ड कप के दौरान बनाया था, जब उन्होंने टूर्नामेंट के लगातार पांच शुरुआती मुकाबलों में भारतीय पारी की पहली ही गेंद पर शानदार चौका जड़कर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था।
बांग्लादेश से लेकर दक्षिण अफ्रीका के दिग्गजों तक की पहली गेंद पर बाउंड्री बटोरकर सहवाग ने कायम किया था खौफ का अनोखा साम्राज्य
सहवाग के इस अद्भुत ‘पंजों के रिकॉर्ड’ की शुरुआत बांग्लादेश के खिलाफ हुई थी, जहां उन्होंने शफीउल इस्लाम की पहली गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाकर 175 रनों की शानदार पारी खेली थी। इसके बाद इंग्लैंड, आयरलैंड, नीदरलैंड्स और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी उन्होंने यही कारनामा दोहराया और डेल स्टेन जैसे खूंखार तेज गेंदबाज की पहली गेंद पर भी करारा चौका लगाया। मैच की पहली ही गेंद से विपक्षी गेंदबाजों के मन में खौफ पैदा करने की यह अनूठी शैली सिर्फ सहवाग के ही बूते की बात थी, जिसकी तारीफ दुनिया भर के दिग्गज आज भी करते हैं।
राहुल द्रविड़ भी मानते थे सहवाग की बल्लेबाजी को सबसे खतरनाक, शुरुआती ओवरों में रनों की गति बढ़ाने में निभाते थे अहम भूमिका
पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने भी एक बार स्वीकार किया था कि पारी के पहले 10 ओवरों के दौरान विश्व क्रिकेट में वीरेंद्र सहवाग से खतरनाक बल्लेबाज दूसरा कोई नहीं हुआ। पहली ही गेंद से विरोधी टीम पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की उनकी रणनीति ने साल 2011 में भारत को दूसरी बार वर्ल्ड कप चैंपियन बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाई थी। आज उनके जन्मदिन के इस खास मौके पर क्रिकेट जगत एक बार फिर उनके उस बेखौफ और आक्रामक अंदाज को याद कर रहा है, जिसने भारतीय क्रिकेट को एक नई पहचान दी।

