नई दिल्ली, भारत और न्यूजीलैंड के बीच बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) आज विजया दशमी के पावन अवसर पर आधिकारिक तौर पर लागू हो गया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा गत 21 सितंबर को घोषित इस मुक्त व्यापार समझौते को हाल ही में न्यूजीलैंड की संसद में 93-29 के भारी बहुमत से मंजूरी मिल गई थी। न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले और प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इस ऐतिहासिक समझौते पर गहरी खुशी जताते हुए इसे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला एक बड़ा कदम करार दिया है।
न्यूजीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क पूरी तरह हुआ समाप्त, कीवीफ्रूट इंडस्ट्री और भारतीय उपभोक्ताओं को मिलेगा बड़ा फायदा
इस नए मुक्त व्यापार समझौते के तहत, भारत को होने वाले न्यूजीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात पर अब कोई सीमा शुल्क नहीं लगेगा, जबकि पूरी तरह लागू होने पर 95 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क या तो हटा दिए जाएंगे या बेहद कम कर दिए जाएंगे। इस समझौते से अकेले न्यूजीलैंड की कीवीफ्रूट इंडस्ट्री को अगले पांच वर्षों में लगभग 12.5 करोड़ न्यूजीलैंड डॉलर की भारी बचत होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, भारतीय बाजार के विशाल और बढ़ते मध्यम वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण उत्पादों, खाद्य पदार्थों, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और पर्यटन सेवाओं की पहुंच आसान होगी, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक घरानों को जबर्दस्त लाभ पहुंचेगा।
मार्च 2025 में शुरू हुई थी इस समझौते की रूपरेखा, ओमान और ब्रिटेन के बाद भारत का सातवां बड़ा मुक्त व्यापार समझौता
उल्लेखनीय है कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच इस व्यापारिक समझौते की आधिकारिक रूपरेखा मार्च 2025 में तैयार की गई थी, जिसे अब धरातल पर उतार दिया गया है। वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य को हासिल करने में यह एफटीए बेहद मददगार साबित होगा। पिछले कुछ वर्षों में भारत की सक्रिय और प्रगतिशील व्यापार नीतियों के तहत यूएई, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस, ब्रिटेन के ईएफटीए (EFTA) देशों और ओमान के बाद वैश्विक स्तर पर यह भारत का सातवां प्रमुख मुक्त व्यापार समझौता है, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूत करेगा।

