रियाद (सऊदी अरब), यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के प्रमुख ऊर्जा प्रतिष्ठानों, वाणिज्यिक हवाई अड्डों और रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर सिलसिलेवार हमले करने का बड़ा दावा किया है। हूतियों के अनुसार, इन हमलों में यानबू स्थित अरामको की तेल रिफाइनरी, शायबा ऑयलफील्ड, रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आभा एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया। रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमलों में एक दर्जन से अधिक लोगों के मारे जाने और भारी नुकसान की खबरें हैं, जिसके चलते राजधानी में एयर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों व गतिविधियों पर गहरा असर पड़ा है।
वैश्विक वित्तीय महाकुंभ ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव’ 2027 तक टला, ब्लैकरॉक और गोल्डमैन सैक्स के दिग्गजों को होना था शामिल
क्षेत्र में लगातार बढ़ते सुरक्षा खतरों और हमलों के मद्देनजर सऊदी अरब सरकार ने अपने सबसे प्रतिष्ठित वैश्विक निवेश सम्मेलन ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव’ (FII) को सीधे 2027 तक के लिए स्थगित करने का बड़ा फैसला लिया है। आगामी 26 अक्टूबर से रियाद में आयोजित होने वाले इस 10वें वार्षिक सम्मेलन में ब्लैकरॉक के लैरी फिंक, सिटीग्रुप की जेन फ्रेजर और गोल्डमैन सैक्स के डेविड सोलोमन समेत दुनिया भर के शीर्ष वित्तीय दिग्गजों को हिस्सा लेना था। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि प्रतिनिधियों और वैश्विक सहयोगियों की सुरक्षा व गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह कठिन फैसला लिया गया है।
क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की विजन 2030 आर्थिक रणनीति को लगा झटका, क्षेत्रीय तनाव से बढ़ीं कूटनीतिक चुनौतियां
सऊदी अरब का यह प्रमुख सम्मेलन स्थगित होने से क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बहु-खरब डॉलर के ‘विजन 2030’ आर्थिक परिवर्तन कार्यक्रम को एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य देश को तेल पर निर्भरता से निकालकर वैश्विक कारोबारी केंद्र बनाना है। पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध और हूती हमलों के कारण सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त वित्तीय व सुरक्षा दबाव बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम से सऊदी अरब में विदेशी निवेश आकर्षित करने और क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने की कोशिशों के सामने नई कूटनीतिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

