
भिंड। इंदौर के भागीरथपुरा में जहरीले पानी से हुई 21 मौतों के खिलाफ आज हुए कांग्रेस के प्रदेश स्तरीय पैदल मार्च में चंबल अंचल की बड़ी भागीदारी रही। इंदौर में हुए जन आक्रोश प्रदर्शन में भिंड जिले से सैकड़ों कार्यकर्ता पहुचें। इस बीच ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर मनरेगा कें मुद्दे को लेकर विरोध एवं संगठन सृजन के अन्तर्गत ग्राम पचांयत एवं वार्ड कमेटियों का गठन किया गया है।
भिंड जिला ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जहरीला एवं दूषित पानी पीने से अब तक 21 निर्दोष नागरिकों की मौत और 1000 से अधिक लोगों के बीमार होने की भयावह घटना ने भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता और प्रशासनिक विफलता को उजागर कर दिया है। यह केवल हादसा नहीं, बल्कि शासन की आपराधिक लापरवाही का परिणाम है।
इन मौतों और आम नागरिकों की जान से खुलेआम खिलवाड़ के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा सुबह 11 बजे इंदौर के बड़ा गणपति मंदिर से राजवाड़ा चौक स्थित माँ अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा स्थल तक प्रदेश स्तरीय पैदल मार्च का आयोजन किया गया। यह प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम था जिसमें ग्वालियर चंबल कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए।इसमें जिला भिण्ड से सैकड़ों कार्यकर्ता इंदौर पहुचे। भिंड के कांग्रेसजनों ने मांग की कि इंदौर के महापौर को तत्काल पद से हटाया जाए। जनता एवं पत्रकार के प्रति अमर्यादित भाषा और असंवेदनशील रवैये के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का तत्काल इस्तीफा लिया जाना चाहिए। जहरीले पानी से हुई मौतों के लिए सरकार द्वारा घोषित 2 लाख रुपये का अपमानजनक मुआवजा बढ़ाकर प्रति मृतक परिवार को 1 करोड़ रुपये दिया जाना चाहिए। पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कर दोषियों पर गैर इरादतन हत्या का आरोप दर्ज किया जाए। भिंड जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा और दोषियों को सजा नहीं दी जाएगी, तब तक कांग्रेस सड़क से सदन तक संघर्ष करती रहेगी। यह पैदल मार्च केवल विरोध नहीं बल्कि जनता के जीवन,सम्मान और अधिकारों की लड़ाई था।
