

भोपाल। मध्य प्रदेश जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं तथा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को केंद्रीय जेल भोपाल में विशेष मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम ‘अंतर्ध्वनि’ आयोजित किया गया। नवरात्रि के अवसर पर विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की गतिविधियों के तहत आयोजित कार्यक्रम में बंदियों के भावनात्मक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और पुनर्वास पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान बंदियों ने अपनी माताओं के नाम भावुक पत्र लिखकर पश्चाताप व्यक्त किया। एक बंदी ने लिखा, “मां, काश मैंने तुम्हारी बात मानी होती, तो आज जेल में नहीं होता।” इन पत्रों के माध्यम से बंदियों ने अपनी गलतियों और जीवन में लिए गए निर्णयों पर आत्मचिंतन किया।
जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर के मार्गदर्शन तथा केंद्रीय जेल के वरिष्ठ अधीक्षक मनेन्द्र सिंह परिहार की निगरानी में आयोजित कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के फॉरेंसिक मनोवैज्ञानिक ओम तिवारी ने किया।
कार्यक्रम में श्वास संबंधी अभ्यास, तनाव प्रबंधन पर चर्चा, चित्रों और शब्दों के माध्यम से गुमनाम भावनात्मक अभिव्यक्ति तथा बंदियों की समस्याओं की गोपनीय स्क्रीनिंग की गई।
ओम तिवारी ने कहा कि पश्चाताप सुधार और पुनर्वास की दिशा में पहला कदम है। कार्यक्रम का समापन सामूहिक गहरी श्वास के अभ्यास और बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ हुआ।
