सिंगरौली :ऊर्जाधानी की प्रमुख सड़कों में शामिल परसौना से कचनी-माजन मोड़ होते हुए निगाही मोड़ तक फोरलेन सड़क की हालत बदतर हो चुकी है। करीब 11 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर एक-दो नहीं, बल्कि सैकड़ों गड्ढे वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन गए हैं।सड़क की बदहाली के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है। अब वाहन चालकों से लेकर स्थानीय रहवासियों तक ने सड़क की मरम्मत कराने की मांग तेज कर दी है। लोगों ने जिला प्रशासन और सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह से इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की है।
जानकारी के अनुसार करीब पांच वर्ष पूर्व नगर निगम द्वारा राशि उपलब्ध कराए जाने के बाद मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम ने इस फोरलेन सड़क का निर्माण कराया था। निर्माण के शुरुआती दौर से ही सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे। जगह-जगह सड़क क्षतिग्रस्त होने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर शिकायतें सामने आने से संबंधित एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए। वहीं हैरानी की बात यह रही कि गारंटी अवधि के दौरान भी सड़क जगह-जगह खराब होती रही। शिकायतों और विरोध के बाद मरम्मत कार्य कराया जाता रहा, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों की ओर से भी नाराजगी जताए जाने के बाद मरम्मत की गई, फिर भी सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और अब सड़क का मरम्मत कराने की मांग स्थानीय जनों के द्वारा शुरू कर दी गई है।
मरम्मत की मांग ने पकड़ा जोर
सड़क की लगातार बिगड़ती स्थिति के बीच अब इसके मरम्मत कार्य की मांग जोर पकड़ने लगी है। वाहन चालकों और स्थानीय रहवासियों का कहना है कि प्रमुख आवागमन मार्ग होने के बावजूद इसकी बदहाली दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय टिकाऊ समाधान जरूरी है। वहीं स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह से सड़क की स्थिति का संज्ञान लेकर मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों की अपेक्षा है कि संबंधित विभाग क्षतिग्रस्त हिस्सों का निरीक्षण कराकर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें, ताकि आवागमन सुरक्षित और सुचारू हो सके। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कब तक ठोस पहल करते हैं।
गारंटी खत्म, अब सैकड़ों गड्ढों से परेशानी
सड़क की गारंटी अवधि समाप्त होने के बाद इसकी बदहाली और स्पष्ट हो गई है। परसौना से निगाही मोड़ तक कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। नियमित आवागमन करने वाले वाहन चालकों को इनसे बचकर निकलना पड़ता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण है। वहीं इस मार्ग पर कचनी से परसौना तक सड़क कई स्थानों पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। वहीं, माजन मोड़ से नवानगर जाने वाले मार्ग पर भी खाईनुमा गड्ढे बन गए हैं। सड़क की मौजूदा स्थिति देखकर निर्माण की गुणवत्ता और समय-समय पर कराए गए मरम्मत कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं। इधर बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने या वाहन मोड़ने पड़ते हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस मार्ग से गुजरना रोजाना परेशानी का कारण बन रहा है।
इनका कहना:-
इस संबंध में एमपीआरडीसी के अधिकारियों को बुलाया गया था और सड़क का मुआयना कर प्राक्कलन तैयार करने पर चर्चा की गई है। जल्द ही प्राक्कलन तैयार कर सड़क मरम्मत कार्य कराया जाएगा। यह कार्य प्राथमिकता में है।
रामनिवास शाह
विधायक, विस-सिंगरौली
