लास वेगास, 15 अक्टूबर (वार्ता) विश्वजीत मोरे ने भारतीय कुश्ती के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वे अंडर 23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ग्रीको-रोमन कुश्ती में सिल्वर मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। इस टूर्नामेंट में पहले दो ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके मोरे ने, एक कड़े फाइनल मुकाबले के बाद, इस बार पोडियम पर एक कदम और ऊपर जगह बनाई।
जॉर्जिया के कोबा कारुमिद्जे ने 13-12 से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया, जिससे मोरे गोल्ड मेडल जीतने से बस एक अंक दूर रह गए। मोरे ने अपने अभियान की शुरुआत मैक्सिको के इसाक मारिन माटा को 10-8 से हराकर की। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्होंने ईरान के अंडर 20 वर्ल्ड चैंपियन आर्मिन शमसीपौर को 8-1 से हराया। फिर सेमीफाइनल में रूस के मलिक गिगिएव को 7-4 से हराकर उन्होंने पहली बार फाइनल मुकाबले में अपनी जगह पक्की की।
महिला वर्ग में, वैष्णवी पाटिल (65किग्रा ) और अमृता पुजारी (72किग्रा ) क्वार्टर फाइनल में हिस्सा लेंगी। पुजारी को पहले राउंड में ‘बाय’ (सीधे अगले राउंड में प्रवेश) मिला था।
कोमल और दीक्षा मलिक भी ब्रॉन्ज मेडल की दौड़ में बनी हुई हैं। सेमीफाइनल में यूक्रेन की अलीना फिलिपोविच से ‘टेक्निकल सुपीरियरिटी’ (अंकों के बड़े अंतर) के आधार पर हारने के बाद, कोमल अब ब्रॉन्ज मेडल के लिए मुकाबला करेंगी। वहीं, दीक्षा 76किग्रा वर्ग में मेडल जीतने की अपनी कोशिश में आगे बढ़ रही हैं।
महिलाओं के 68किग्रा वर्ग में मानसी लाथर क्वार्टर फाइनल से बाहर हो गईं; उन्हें इटली की लौरा गोडिनो के हाथों 9-10 से करीबी हार का सामना करना पड़ा।
अन्य ग्रीको-रोमन मुकाबलों में, चेतन (63किग्रा) प्री-क्वार्टर फाइनल से बाहर हो गए, जबकि करण कंबोज (87किग्रा) क्वालिफिकेशन राउंड में ‘टेक्निकल सुपीरियरिटी’ के आधार पर हार गए।

