
ओंकारेश्वर। साल के आखिरी दिनों में ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर की शरण में पहुंचने वाले श्रद्धालु ओवरफ्लो हो रहे हैं। पहाड़ और नर्मदाजी से घिरे होने के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। नर्मदा में नौकायन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी घाटों पर बढ़ गई थी। नगर परिषद ने 31 दिसंबर एवं 1 जनवरी 2 दिन के लिए सभी तरह की नावों का संचालन बंद कर दिया गया है। इससे दुर्घटनाएं रुकेंगी।
दर्शन व्यवस्था में भी मामूली तब्दीली की गई है,जिससे अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालु कम समय में दर्शन कर बाहर हो सकें। तीर्थनगरी में अभी प्रतिदिन श्रद्धा का सैलाब दिख रहा है । हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन तीर्थ नगरी पहुंच रहे हैं।
नए साल में बढ़ेगी भीड़
नववर्ष पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु व पर्यटक ओंकारेश्वर पहुंचते हैं, जिससे घाटों पर अत्यधिक भीड़ हो जाती है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। बीते वर्षों में नाव डूबने एवं अन्य दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जिनसे जनहानि का खतरा बढ़ा था।
दो घाट पहले
से ही हैं प्रतिबंधित
नगर परिषद ने नाविकों के लिए प्रबंध आदेश जारी कर अपील की है कि वे आदेश का पालन करें और नदी में नाव संचालन या अवैध गतिविधियों से दूर रहें। प्रतिबंध अवधि के दौरान उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोटीचक्र तीर्थ और चक्रतीर्थ घाट पर नाव संचालन 26 दिसंबर से ही प्रतिबंधित किया जा चुका है। तक नाव संचालन पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
सुरक्षा के कारण लिया निर्णय
नए वर्ष के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजऱ कड़ा निर्णय लिया है। थाना मांधाता के पत्र पर नगर परिषद ने नर्मदा में नाव संचालन पर पूर्ण प्रतिबंधित कर दिया है। यह प्रतिबंध 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक प्रभावशील रहेगा।
