मालवा- निमाड़ की डायरी
संजय व्यास
साल 2027 में निकाय-पंचायत चुनाव होना है. ऐसे में दो मंत्रियों की तकरार ने भाजपा नेतृत्व को चिंता में डाल दिया है. बात आलीराजपुर जिले की है. यहां से विधायक नागर सिंह चौहान प्रदेश केबिनेट में मंत्री है और जिले का प्रभार कैबिनेट मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग श्रीमती संपतिया उईके के पास है. चर्चा है कि इन दोनों मंत्रियों के बीच मनमुटाव होने से पटरी नहीं बैठ रही है, जब-तब तल्खी सामने आ जाती है. हाल ही के प्रभारी मंत्र उईके के आलीराजपुर दौरे में यह फिर देखने को मिला. प्रभारी मंत्री संपतिया उइके के कार्यक्रम से कई बड़े दिग्गज और स्थानीय नेता नदारद रहे, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है.
उईके की कार्यशैली से क्षेत्रीय नेता नाराज बताए जा रहे हैं. उईके के कार्यक्रम से विधायक व मंत्री नागर सिंह चौहान, सांसद अनीता चौहान, भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष परवाल की दूरी को उनके बहिष्कार के रूप में देखा जा रहा है. चौहान व उईके में अनबन की बात पांच माह पूर्व पहली बार सामने आई थी, जब मंत्रियों के कामकाज को लेकर हुई फीडबैक बैठक में उइके ने नागर सिंह पर शराब कारोबार से जुड़े होने की बात कह दी थी. हालांकि इसके कुछ समय बाद ही जोबट में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचीं प्रभारी मंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान को अपना भाई बताकर तकरारी माहौल को हल्का करने की कोशिश की थी, लेकिन अब तक चौहान के मन में उनके प्रति खटास कायम है.
खंडेलवाल ने लगाया विराम
आलीराजपुर को लेकर पार्टी में अंतर्कलह से भाजपा नेतृत्व चिंतित जरूर है, मगर गत दिवस आलीराजपुर पहुंचे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी से बाहर चल रही ऐसी चर्चाऔं पर विराम लगाना महत्वपूर्ण समझा. वे नहीं चाहते की इस तरह की बातें पार्टी मंच की बजाए गली चौराहों तक पहुंचे. उन्होंने हर हाल में कार्यकर्ताओं से भाजपा की एकजुटता प्रदर्शित करने की बात कही. इसके साथ ही जब पत्रकारों ने सवाल किया कि क्या जिले के भाजपा नेता प्रभारी मंत्री का बहिष्कार कर रहे हैं तो इस पर खंडेलवाल ने परिवार बड़ा होने पर आपसी कहासुनी होती रहती है ,कहकर उक्त घटनाक्रम पर विराम लगा दिया.
फेसबुक पोस्टों से बवाल
देवास में एक पार्षद प्रतिनिधि के तथाकथित कृत्य ने विधायक और सांसद समर्थकों को आमने -सामने ला दिया है. पार्षद सांसद महेंद्र सोलंकी का समर्थक बताया जाता है.उस पर फेक आईडी के जरिए फेसबुक पर विधायक गायत्री राजे पवार, महापौर गीता अग्रवाल व पवार समर्थकों की छवि धूमिल करने की बात कही जा रही है. पार्षद प्रतिनिधि प्रवीण वर्मा से मामला जुड़ा है, पीडि़त भाजपाइयों ने ही आरोप लगाया गया है कि वे अपने भांजे के साथ तथाकथित पार्टी नेताओं, यहां तक केि महिला नेताओं को लेकर अनर्गल बुरी बातें फेसबुक पर पोस्ट करते रहे है. बाद में पुलिस जांच में इन पोस्टों के पीछे प्रवीण वर्मा का नाम ही सामने आने पर विधायक समर्थक उखड़ गए. वर्मा के पार्टी से निष्कासन के लिए महापौर, पार्षदगण, एल्डरमैनों ने मोर्चा खोल दिया है. इसी संदर्भ में जिलाध्यक्ष राय सिंह सैंधव को मांग पत्र सौंपा. सैंधव ने जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन तो दे दिया, पर अब विधायक वर्मा को पार्टी से बाहर देखने का इंतजार कर रहे हैं
