न्यायालय ने कैंसर की दवाओं तक ही व्यापारिक मार्जिन की सीमा सीमित करने पर उठाए सवाल

नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार द्वारा केवल कैंसर की दवाओं पर व्यापारिक मार्जिन को अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के 30 प्रतिशत तक सीमित करने के प्रस्ताव पर असंतोष जताया है।

न्यायालय ने पूछा कि क्या इसी तरह के नियम पूरे दवा बाजार (जिसमें चिकित्सा उपकरण भी शामिल हैं) पर लागू नहीं होने चाहिए, खासकर उन मामलों में जहां खरीद कीमत और अधिकतम खुदरा मूल्य के बीच बहुत बड़ा अंतर है। इससे यह चिंता पैदा होती है कि क्या मौजूदा कीमत तय करने के तरीके मरीजों को बहुत अधिक कीमत से बचाने के लिए काफी हैं।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने कैंसर की कुछ खास दवाओं के व्यापारिक लाभ पर 30 प्रतिशत की सीमा तय करने के केंद्र के प्रस्ताव पर गौर किया लेकिन पूछा कि इस मुद्दे की जांच सिर्फ कैंसर-रोधी दवाओं के संदर्भ में ही क्यों की जानी चाहिए।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायालय को बताया कि सरकार प्रस्तावित सीमा के दायरे में आने वाली कैंसर की दवाओं की एक सूची जारी करेगी और समय-समय पर इसे अद्यतन करती रहेगी। इसमें बाजार के घटनाक्रम और स्वास्थ्य से जुड़ी बातों के आधार पर और कैंसर-रोधी दवाएं जोड़ी जाएंगी, जबकि सस्ती दवाओं को इससे बाहर रखा जाएगा।

पीठ ने ऐसे मामलों का भी ज़िक्र किया जहां खुदरा व्यापारियों तक दवाएं या चिकित्सा उपकरण जिस कीमत पर पहुंचते थे, वह मरीजों से वसूली जाने वाली एमआरपी से काफी कम थी। न्यायालय ने सलाइन ड्रिप लाइन का उदाहरण दिया और भारत में बने कार्डियक स्टेंट का भी ज़िक्र किया, जिसकी खुदरा व्यापारियों के लिए कीमत लगभग 5,000 रुपये थी, जबकि उसकी एमआरपी 25,000 रुपये थी।

न्यायालय ने कहा कि इस तरह के अंतर की जांच ज़रूरी है और पूछा कि क्या लाभ पर व्यापक सीमा तय करने से अधिक मार्कअप के कारण होने वाले गैर-ज़रूरी मेडिकल इलाज को कम किया जा सकता है। श्री मेहता ने बताया कि कार्डियक स्टेंट की कीमतें पहले से ही नियमन के दायरे में हैं।

गौरतलब है कि न्यायालय एक ऐसी याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें गैर-निर्धारित दवाओं की प्रारंभिक कीमतों को नियमित करने और चिकित्सा उपकरणों की कीमतों पर कैप लगाने की मांग की गई थी। इस मामले पर अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी।

Next Post

गरबा आयोजनों में धार्मिक मर्यादा बनाए रखने की मांग

Mon Oct 12 , 2026
छिंदवाड़ा: नवरात्रि के दौरान आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों में धार्मिक मर्यादा और पारंपरिक स्वरूप बनाए रखने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल छिंदवाड़ा ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने गरबा आयोजनों में कथित अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन से आवश्यक कदम […]

You May Like

Play sound