कोपेनहेगन, 12 अक्टूबर (वार्ता) स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु और युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी मंगलवार से शुरू हो रहे डेनमार्क ओपन 2026 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत की चुनौती की अगुवाई करेंगे।
इस साल की शुरुआत में जापान ओपन सुपर 750 खिताब जीतने वालीं पीवी सिंधु को महिला एकल के पहले राउंड में कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। उनका मुकाबला ओलंपिक चैंपियन और दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी, दक्षिण कोरिया की एन से-यंग से होगा।
दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट सिंधु, जो महिला एकल बैडमिंटन रैंकिंग में 10वें स्थान पर हैं, कभी भी एन से-यंग को नहीं हरा पाई हैं और उनसे खेले गए पिछले सभी 10 मैच हार चुकी हैं। महिला एकल ड्रॉ में सिंधु के साथ उनकी हमवतन खिलाड़ी तन्वी शर्मा, अश्मिता चालिहा, देविका सिहाग और उन्नति हुड्डा भी शामिल होंगी। तन्वी और अश्मिता ने भी इस साल बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर में सफलता हासिल की है। तन्वी ने ताइपे ओपन में अपना पहला खिताब जीता, जबकि अश्मिता ने कोरिया मास्टर्स जीता। ये दोनों जीतें अगस्त में मिली थीं।
पुरुष एकल में, लक्ष्य सेन अपनी फॉर्म वापस पाने और इस साल की शुरुआत में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में रनर-अप रहने के बाद आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे। लगातार अच्छा प्रदर्शन न कर पाने और चोटों के कारण उनका यह सीजन उतार-चढ़ाव भरा रहा है, और पहले राउंड में उन्हें चीनी ताइपे के दुनिया के नंबर 3 खिलाड़ी चाउ टिएन-चेन के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। पुरुष एकल ड्रॉ में लक्ष्य के साथ आयुष शेट्टी और पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 किदांबी श्रीकांत भी शामिल होंगे, जिन्होंने 2017 में डेनमार्क ओपन जीता था।
पुरुष युगल में, सात्विकसाईराज और चिराग एशियाई खेल 2026 के क्वार्टर-फ़ाइनल से बाहर होने के बाद पहली बार कोर्ट पर वापसी करेंगे। उस टूर्नामेंट में वे अपना खिताब बचाने में नाकाम रहे थे। हालांकि, भारतीय जोड़ी के लिए बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर पर यह साल सफल रहा है। उन्होंने सिंगापुर बैडमिंटन ओपन और चाइना मास्टर्स जीते हैं और अब डेनमार्क में तीसरा खिताब जीतने की कोशिश करेंगे।
वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद, रुतपर्णा पांडा और श्वेतापर्णा पांडा के साथ मिलकर महिला युगल में भारत की चुनौती संभालेंगी। मिश्रित युगल ड्रॉ में कोई भी भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हिस्सा नहीं लेगा।
