सीहोर / भैरूंदा, रविवार को एक बार फिर वन विकास निगम ने वनगांव कोसमी में प्रभावी कार्रवाई करते हुए लगभग 30 एकड़ जमीन पर काबिज आदिवासियों के कब्जे को सख्ती के साथ हटा दिया. इस दौरान जहां उनके मकानों को तोड़ा गया, वहीं खेतों में लगी मक्का की फसल को भी नष्ट किया गया. कार्रवाई की भनक लगते ही विधायक रमाकांत भार्गव व रवि मालवीय सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे, वहीं शाम को केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान भी कोसमी पहुंचे और पीडि़त आदिवासियों से चर्चा कर कार्रवाई का विरोध किया.
रविवार की दोपहर अचानक वन विकास निगम का अमला वनग्राम कोसमी पहुंचा और बारेला समाज के आदिवासियों को वनभूमि से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी. इस दौरान जेसीबी और ट्रैक्टरों की मदद से वहां बने आदिवासियों के मकानों को तोड़ा गया और खेतों में खड़ी मक्का की फसल को भी नष्ट किया गया. वन विकास निगम की इस कार्रवाई से आदिवासियों में दहशत का माहौल निर्मित हो गया. आदिवासी महिलाओं ने रुदन प्रारंभ कर दिया. मामले की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्रीय विधायक रमाकांत भार्गव, निगम अध्यक्ष रवि मालवीय भी पहुंचे. लेकिन तब तक वन विकास निगम कार्रवाई कर चुका था.
शाम को केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी ग्राम कोसमी पहुंचे और पीडि़त आदिवासियों से चर्चा कर उन्हें ढांढस बंधाया. इसके अलावा वह उन सभी जगहों का भी जायजा लेने पहुंचे जहां वन विकास निगम द्वारा बेदखली की कार्रवाई है. उल्लेखनीय है कि कोसमी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र विदिशा और विधानसभा क्षेत्र बुधनी में आता है. एक साल पहले शिवराज सिंह चौहान ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से बात कर आदिवासियों के घर नहीं गिराने के निर्देश दिए थे. शिवराज की शिकायत पर सीहोर के तत्कालीन डीएफओ मगन सिंह डाबर को हटाया भी गया था. इसके अलावा भैरूंदा तहसील मुख्यालय पर भी आदिवासियों ने प्रभावी रैली निकाली थी और प्रदर्शन किया था. इस प्रदर्शन में केन्द्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान भी शामिल हुए थे और आश्वस्त किया था कि वन भूमि से उन्हें नहीं हटाया जाएगा. इसके बावजूद रविवार को वन विकास निगम द्वारा कार्रवाई की गई.
बेघर परिवारों के लिए बनवाएंगे नया घर
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने घरों को तोड़े जाने, मक्के व तुअर की फसलें नष्ट करने तथा सिंचाई और पेयजल के लिए उपयोग होने वाले कुएं को मिट्टी से भरने पर नाराजगी जताई. मौके पर वन विभाग और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई। शिवराज सिंह चौहान ने मौके से ही मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन कर पूरे मामले पर नाराजगी जताई. साथ ही भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी घटनाक्रम की जानकारी दी. श्री चौहान ने पीडि़त परिवारों को न्याय दिलाने का भरोसा देते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाए जाएंगे. जब तक स्थायी आवास की व्यवस्था नहीं होती, तब तक उनके रहने और भोजन का इंतजाम भी किया जाएगा. इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी चर्चा करने की बात कही.
