ग्वालियर: श्रीरामलीला समारोह समिति द्वारा फूलबाग मैदान में श्रीरामलीला का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह एवं साडा अध्यक्ष अशोक शर्मा द्वारा गुब्बारे उड़ाकर किया गया। इस अवसर पर बैण्ड ने मधुर भजनों से लोगों का मन मोह लिया। आतिशबाजी भी की गई। मुख्यातिथि नारायण सिंह ने कहा कि रामलीला का मंचन लगातार 80 वर्षों से निरंतर जारी है, वर्तमान समय में भगवान राम का चरित्र अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है, परिवार के प्रति अपने दायित्व का निर्वाहन करना पुरुषोत्तम भगवान राम से सीखा जा सकता है।
रामलीला समारोह में शिव-पार्वती संवाद, नारद मोह की लीला का मनमोहक मंचन किया गया जिसमें नारद जी भ्रमण करते हुए एक स्थान पर पहुचते है और ध्यान लगाकर तपस्या में लीन हो जाते है। उनकी तपस्या से इन्द्र का सिंहासन हिल उठता है। जिससे वह भयभीत होकर कामदेव तथा अप्सराओं को लेकर नारद मुनि की तपस्या भंग करने पहुचते हैं। लेकिन कामदेव तथा अन्य अप्सराए उनकी तपस्या को भंग नहीं कर पाते और कामदेव त्राहीमाम-त्राहीमाम करते हुआ नादर मुनि के चरणो में गिर पड़ते है । नारद मुनि को लगता है कि उन्होने बड़ा काम किया है परिणामस्वरूप उन्हें अभिमान आ जाता है।
सभी लोग भगवान विष्णु से सहायता मांगते है तथा श्री विष्णु, मुनि के अभिमान को तोड़ने के लिए लीला रचते है । नारद मुनि को विवाह करने की इच्छा होती है और वे विष्णु से हरि रूप मांगते है । वे कहते है कि मै वहीं काम करूंगा जो तुम्हारे हित में होगा और वे उन्हें वानर का रूप प्रदान करते है जिससे वे स्वयंवर में हॅंसी का पात्र बन जाते है और भगवान विष्णु राजकुमारी से विवाह कर ले जाते है जिससे नारद क्रोधित होते है और वे विष्णु को शाप देते है कि तुम भी एक दिन नारी के लिए तड़पोगे।आज रविवार रात्रि की लीला में मनु सतरूपा तपस्या, रावण तपस्या, मेघनाथ विजय एवं श्रीराम जन्म की लीला का मंचन किया जायेगा । इस अवसर पर ग्वालियर शहर की महापौर डाॅ. श्रीमती शोभा सिकरवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।
