तीन लाख श्रद्धालुओं से महाकाल नगरी हुई गुलजार, त्रिवेणी पर शनि देव की महाआरती, केडी पैलेस पर भूतड़ी अमावस्या का स्नान

उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन में शनिवार को शनिश्चरी अमावस्या, भूतड़ी अमावस्या और पितृपक्ष की अमावस्या का विशेष संयोग देखने को मिला। तीनों धार्मिक अवसरों के चलते शहर में करीब तीन लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान रहा।

मोक्षदायनी मां शिप्रा के घाटों से लेकर भगवान महाकाल के मंदिर तक श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शनि देव के पूजन, पितरों के निमित्त तर्पण, भूत-प्रेत बाधा से मुक्ति की मान्यता के साथ स्नान और भगवान महाकाल के दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का आवागमन जारी रहा। शहर के प्रमुख मार्ग श्रद्धालुओं के वाहनों से भरे रहे और हर ओर बाबा महाकाल के जयकारे गूंजते रहे। शनिश्चरी अमावस्या पर त्रिवेणी घाट स्थित प्राचीन शनि मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। यहां भगवान शनि देव का आकर्षक श्रृंगार किया गया। विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद आरती हुई और महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों ने भगवान शनि देव के दर्शन कर सुख-समृद्धि और कष्टों से मुक्ति की कामना की। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिश्चरी अमावस्या पर यहां दर्शन और पूजन का विशेष महत्व है। शनिवार को भूतड़ी अमावस्या होने के कारण केडी पैलेस क्षेत्र में भी हजारों श्रद्धालु पहुंचे। शनिश्चरी अमावस्या, भूतड़ी अमावस्या और पितृपक्ष की अमावस्या के एक साथ पडऩे से उज्जैन में आस्था का व्यापक दृश्य देखने को मिला। एक ओर श्रद्धालु शनि देव के दर्शन कर रहे थे, तो दूसरी ओर शिप्रा में स्नान, पितरों का तर्पण और महाकाल के दर्शन किए।

पितरों के निमित्त तर्पण, सिद्धवट पर दूध अर्पित 

पितृपक्ष की अमावस्या के साथ श्राद्ध पक्ष का भी समापन हुआ। इस अवसर पर अपने दिवंगत परिजनों की आत्मशांति और मोक्ष की कामना से लोगों ने पिंडदान, तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए। मान्यता है कि अमावस्या पर पितरों के निमित्त तर्पण करने से उन्हें शांति मिलती है। सिद्धवट पर भी श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजन किया और परंपरा के अनुसार दूध अर्पित किया। धार्मिक स्थलों पर सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।शनिवार की अमावस्या पर भगवान महाकाल के दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महाकाल मंदिर क्षेत्र, प्रमुख बाजारों और शहर में प्रवेश करने वाले मार्गों पर दिनभर आवाजाही बनी रही। कई मार्गों पर वाहनों का दबाव बढऩे से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कमी नहीं दिखी और धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन का क्रम चलता रहा।

Next Post

दुर्घटना में घायल युवक की मौत

Sat Oct 10 , 2026
उज्जैन। नानाखेड़ा क्षेत्र में हुई दुर्घटना में घायल युवक को अस्पताल लाया गया था जहां उसकी मौत हो गई। दुर्घटना अज्ञात वाहन से होना सामने आ रहा है पुलिस मामले की जांच कर रही है। नानाखेड़ा बस स्टैंड क्षेत्र में शनिवार देर शाम एक युवक घायल हालत में मिला था […]

You May Like