
खातेगांव। सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या और शनिश्चरी अमावस्या के दुर्लभ महासंयोग में नेमावर में आस्था का सैलाब उमड़ा। इस अवसर पर मां नर्मदा के तटों पर शुक्रवार से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। हिंदू धर्म में सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या का विशेष महत्व है। इस बार शनिवार का दिन होने से शनिश्चरी अमावस्या का संयोग भी जुड़ गया। इस महासंयोग पर श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में स्नान कर सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। स्नान के बाद घाटों पर बैठे पुरोहितों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों (पितरों) की आत्मा की शांति के लिए धूप-ध्यान, तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य के धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। इसके बाद श्रद्धालुओं ने प्राचीन व ऐतिहासिक सिद्धनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। सुबह 8 बजे तक स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा जहां 25 हजार के आसपास था, वहीं दोपहर 2 बजे तक यह संख्या बढ़कर 90 हजार के पार पहुंच गई। आसपास के जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों और बसों के जरिए नेमावर पहुंचे।
प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्थाएं-
भारी भीड़ को देखते हुए जिला व स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। नर्मदा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई और होमगार्ड के जवानों के साथ-साथ स्थानीय गोताखोरों की टीमें नावों के साथ मुस्तैद रही। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, अस्थायी चिकित्सा शिविर, आपातकालीन एम्बुलेंस और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था की गई।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद-
श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद रहकर निगरानी करता रहा। नेमावर थाना प्रभारी टीना शुक्ला ने बताया कि तीन शिफ्टों में पुलिस फोर्स के 300 से अधिक जवान यात्रियों एवं यातायात व्यवस्था को संभालने में लगे। इस दौरान एएसपी सौम्या जैन, एसडीएम राजेंद्र पंवार, एसडीओपी आदित्य तिवारी, तहसीलदार जितेंद्र तोमर, सीएमओ आनंदीलाल वर्मा, टीआई टीना शुक्ला, नायब तहसीलदार पारस वैश्य आदि प्रशासनिक, विभागीय अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।
