इंदौर: भाजपा कार्यकर्ता और उसके जीजा के साथ थाने में कथित मारपीट के मामले ने शुक्रवार रात तूल पकड़ लिया. विधायक समर्थकों के थाने पहुंचकर हंगामा करने और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग के बाद देर रात थाना प्रभारी समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया. 400 से ज्यादा समर्थकों के पहुंचने से थाने में गहमागहमी की स्थिति बन गई थी. वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप और कार्रवाई के बाद विरोध शांत हुआ.
मामले की शुरुआत शुक्रवार शाम करीब 5.30 बजे हुई. भाजपा कार्यकर्ता पं. जयदीप दुबे ने पुलिस को बताया कि घर के पास अचानक ब्रेक लगाने की बात पर स्कूटी सवार से विवाद हो गया. आरोप है कि स्कूटी सवार ने उनके साथ गाली गलौज और मारपीट की. बीच बचाव करने पहुंची पत्नी और बच्चों के साथ भी अभद्रता, मारपीट और छेड़छाड़ की गई. दुबे ने जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया, इसके बाद वे शिकायत दर्ज कराने एरोड्रम थाने पहुंचे. दुबे का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी देने के साथ सीने में दर्द होने की बात भी बताई, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं हुई.
रात करीब 11 बजे वे अपने जीजा पंकज चौबे के साथ दोबारा थाने पहुंचे, चौबे भाजपा मंडल उपाध्यक्ष हैं. दुबे का कहना है कि, शिकायत दर्ज कराने के दौरान थाना प्रभारी ने उनसे नेतागीरी करने और विधायकों से फोन लगवाने की बात कही, इसी दौरान विवाद बढ़ गया. जयदीप दुबे ने थाना प्रभारी वेदेंद्र सिंह कुशवाह, एएसआई नूर समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर लात घूंसों और डंडों से मारपीट करने का आरोप लगाया. उनका दावा है कि घटना थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है. उन्होंने पत्नी और जीजा के साथ भी दुर्व्यवहार और धक्का मुक्की किए जाने की बात कही. जयदीप दुबे की पत्नी रानू दुबे ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के दौरान उनसे बार बार शराब पीने को लेकर सवाल किए. उनका कहना है कि विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने अभद्रता की और थाना प्रभारी ने उनके सीने पर हाथ लगाकर धक्का दिया, इन आरोपों की जांच की जा रही है.
मेडिकल रिपोर्ट के बाद एफआईआर दर्ज करने की बात,एडीसीपी
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने नव भारत को बताया कि थाना प्रभारी ने बताया था कि पीड़ित पक्ष का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा था. रिपोर्ट आने के बाद एफआईआर दर्ज की जानी थी. इसी बात को लेकर थाने में विवाद हुआ, मामले की जांच मल्हारगंज एसीपी को सौंपी गई है.
