सतना :इसे जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन की ओर जाने वाली जबलपुर मंडल की 3 ट्रेनों के निरस्त कर दिए जाने की परिणिति कहा जाए अथवा नई दिल्ली में काचरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के एलान के चलते बरती जाने वाली सावधानी करार दिया जाए. लेकिन वास्तविकता यह रही कि शुक्रवार की शाम सतना रेलवे स्टेशन पर चाक-चौबंद सुरक्षा घेरा देखने को मिला. रेल प्रबंधन की कड़ी निगरानी और जांच के बाद ही यात्रियों को प्लेटफार्म में प्रवेश करने दिया गया.
पश्चिम मध्य रेल जबलपुर मुख्यालय द्वारा शुक्रवार को आनन-फानन में विज्ञप्ति जारी कर यह सूचना प्रसारित की गई कि नई दिल्ली और जहरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आस पास शनिवार को संभावित अत्यधिक यातायात दबाव को देखते हुए रेलवे द्वारा जबलपुर मंडल की 3 ट्रेनों को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है. जिसमें ट्रेन क्र. 22181 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन सुफा, ट्रेन क्र. 12189 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन महाकौशल सुफा और ट्रेन क्र. 12121 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन मप्र संपर्क क्रांति सुफा एक्सपे्रस का सम्मिलित होना बताया गया. साथ ही यह जानकारी भी साझा की गई कि इन ट्रेनों की वापसी सेवाओं के संबंध में अलग से सूचना जारी की जाएगी.
हलांकि सतना रेलवे स्टेशन से होकर गुजरने वाली महाकौशल को शुक्रवार को रद्द कर दिया गया. लेकिन रीवा आनंद विहार सुफा एक्सप्रेस यथावत रही. जिसके चलते शाम ढलने से पहले ही रेलवे स्टेशन परिसर में भीड़ का दबाव अपेक्षाकृत बढ़ता नजर आने लगा. वहीं रीवा-आनंद विहार के प्रस्थान के आस पास ही वाराणसी एलटीटी सुफा, पुणे-पटना सुफा और मुंबई हावड़ा मेल जैसी प्रमुख ट्रेनों के साथ-साथ कुछ और ट्रेनें भी सतना रेलवे स्टेशन पर पहुंचती हैं. लिहाजा उन ट्रेनों के यात्रियों का दबाव भी बढऩा स्वाभाविक था. जिसे देखते हुए स्थानीय रेल प्रबंधन द्वारा पहले से ही चाक चौबंद तैयारियां कर रखी गई थीं. लिहाजा रेल प्रबंधन की यह तैयारियां शाम होने से पहले ही स्टेशन परिसर में कार्यांवित होती नजर आने लगीं.
महाकुंभ जैसी दिखी व्यवस्था
महाकुंभ के दौरान जिस तरह से प्लेटफार्म पर अनावश्यक भीड़ भाड़ को रोकने लिए रेल प्रबंधन द्वारा इंट्री गेट पर ही कड़ी निगरानी और जांच के बाद यात्रियों को अंदर भेजा जाता था. लगभग वैसे ही व्यवस्था शुक्रवार की शाम भी देखने को मिली. प्लेटफार्म के पहले ही आधा दर्जन से अधिक टिकट कलेक्टरों की मौजूदगी में रेल यात्रियों के टिकट की जांच की गई. हलांकि रिजर्व पैसेंजरों को जाने दिया गया, लेकिन जनरल टिकट वाले यात्रियों से व्यापक पूछताछ हुई. यात्रियों को छोडऩे के लिए आने वाले परिजनों को रोक दिया गया. हुज्जत होने पर उन्हें प्लेटफार्म टिकट के साथ आने की नसीहत दी गई. इस दौरान भारी-भरकम सामान लेकर जल्दबाजी में प्लेटफार्म की ओ जाने वाले कुछ यात्रियों ने बेवजह रोक टोक पर नाराजगी भी जताई.
निगरानी में रहे अन्य रास्ते
अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए आरपीएफ पोस्ट के सामने से प्लेटफार्म की ओर जाने वाले रास्ते को बैरीकेटिंग लगाकर रोक दिया गया. जहां पर जीआरपी और आरपीएफ प्रभारी की मौजूदगी में किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया गया. इसी कड़ी में तीनों प्लेटफार्म के दोनोंंं किनारे भी जीआरपी और आरपीएफ की निगरानी में रहे. ऐसी ही निगरानी रेलवे कालोनी वाले छोर से प्लेटफार्म तक पहुंचने वाले फुट ओवर ब्रिज और प्लेटफार्म क्र. 1 के तीसरे रास्ते पर भी होती रही. इस बदली हुई व्यवस्था से दो-चार होने वाले यात्रियों की मानें तो भले ही रेल प्रबंधन द्वारा कोई भी दलील दी जाए, लेकिन सारी कवायद लोगों को नई दिल्ली के आंदोलन से दूर रखने की नजर आ रही है.
