नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (वार्ता) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में 60 प्रतिशत से अधिक बढ़कर रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये पहुंच गया है और सरकार ने 2029 तक इसे 50 हजार करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा है।
श्री सिंह शुक्रवार को यहां सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम) के आठवें वार्षिक सत्र को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने एसआईडीएम चैंपियन पुरस्कार 2026 के तहत 15 पुरस्कार प्रदान किए। ये पुरस्कार स्वदेशी तकनीक, उत्पाद नवाचार, डिजाइन, आयात के विकल्प तैयार करने, विनिर्माण और निर्यात के क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए दिए गए।
रक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी तकनीक और उपकरणों का देश में विकास और निर्माण करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने, शोध एवं विकास को मजबूत करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन, मिसाइल, वायु रक्षा प्रणाली और संचार तकनीक की भूमिका बढ़ रही है। इसलिए रक्षा कंपनियों को शोध एवं विकास पर खर्च को निवेश के रूप में देखना चाहिए।
ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर रक्षा उत्पादन तेजी से बढ़ाने की क्षमता होनी चाहिए। उन्होंने निजी क्षेत्र से रक्षा उत्पादन में अपनी हिस्सेदारी करीब 24 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के लक्ष्य की दिशा में काम करने का आह्वान किया। साथ ही भरोसा दिलाया कि सरकार रक्षा उद्योग को आगे बढ़ाने में सहयोग करती रहेगी।
कार्यक्रम में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, एसआईडीएम के संस्थापक अध्यक्ष बाबा कल्याणी, अध्यक्ष अरुण रामचंदानी और रक्षा कंपनियों के प्रतिनिधि भी थे।
