नयी दिल्ली, 09 अक्टूबर (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए कहा है कि इस सरकार ने आम लोगों के हितों की अनदेखी कर उपभोक्ताओं के लिए बहु विकल्प होने की प्रतिस्पर्धा खत्म कर दी है और चुनिंदा पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जिससे आर्थिक उदारीकरण की नींव बर्बाद हो गयी है।
श्री खरगे ने शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि श्री मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों का मकसद अर्थव्यवस्था का नियंत्रण अपने चहेते पूंजीपति मित्रों के हाथों में सौंपना है, ताकि बदले में मुनाफे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हिस्सेदारी बनी रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिस्पर्धा खत्म कर एकाधिकार और दो कंपनियों के वर्चस्व वाली व्यवस्था लागू करके भाजपा की तिजोरी भरने का काम किया गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र में 2014 से पहले 13 कंपनियां थीं, जबकि अब केवल तीन बड़ी निजी कंपनियां रह गयी हैं। इसी तरह घरेलू विमानन क्षेत्र में 2014 से पहले सात कंपनियों के मुकाबले अब केवल दो बड़ी कंपनियां रह गयी हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान, सीमेंट और खाद्य वितरण ऐप सहित विभिन्न क्षेत्रों में सरकार की प्राथमिकता प्रतिस्पर्धा खत्म करने की रही है। श्री खरगे ने कहा कि कांग्रेस आर्थिक उदारीकरण की जननी है, जबकि भाजपा पर अपने मुनाफे के लिए ‘आर्थिक आतंकवाद’ लागू करने का आरोप लगाया।
श्री खरगे ने दावा किया कि सरकार की आर्थिक नीतियों से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और अन्य छोटे-मझोले उद्योगों को नुकसान पहुंचा है तथा देश के युवाओं को भारी बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है।

