नई दिल्ली, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम पिछले एक दशक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। इस बढ़ते लागत के दबाव को देखते हुए एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर और इंडिगो जैसी प्रमुख घरेलू एयरलाइंस ने अपने फ्यूल सरचार्ज में खासी बढ़ोतरी कर दी है। एयरलाइंस द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह बढ़ा हुआ सरचार्ज घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों श्रेणियों की वन-वे फ्लाइट्स पर लागू होगा, जिससे आने वाले दिनों में यात्रियों की जेब पर अधिक आर्थिक बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।
घरेलू उड़ानों पर दूरी के हिसाब से तय हुआ सरचार्ज, अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर भी यात्रियों को चुकानी होगी अधिक कीमत
विभिन्न एयरलाइंस द्वारा जारी संशोधित शुल्क के तहत, घरेलू उड़ानों में 500 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 375 से 400 रुपये, जबकि 2,000 किलोमीटर से अधिक की लंबी दूरी के लिए 1,200 से 1,300 रुपये तक का अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज वसूला जाएगा। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी डेस्टिनेशन के आधार पर भारी भरकम बढ़ोतरी की गई है, जिसमें नॉर्थ अमेरिका के लिए 215 अमेरिकी डॉलर, यूरोप व यूके के लिए 135 अमेरिकी डॉलर और वेस्ट एशिया के लिए 55 अमेरिकी डॉलर तक का सरचार्ज तय किया गया है। कुवैत, कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे कुछ चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर भी अतिरिक्त शुल्क में इजाफा किया गया है।
पिछले एक महीने में ATF के दामों में 14 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि, विमानन कंपनियों पर लगातार बढ़ रहा वित्तीय दबाव
इंडिगो और अन्य विमानन कंपनियों का कहना है कि हाल के महीनों में जेट ईंधन की कीमतों में 14% से ज्यादा की मासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके चलते एयरलाइंस के लिए पुराने किराए पर संचालन करना असंभव हो गया था। हालांकि विमानन कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि वे बाजार की स्थितियों और ईंधन की कीमतों की लगातार समीक्षा कर रही हैं, लेकिन फिलहाल यात्रियों को बढ़े हुए किराए के साथ ही टिकट बुकिंग करनी होगी। त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही हवाई यात्रा के महंगे होने से आम यात्रियों की छुट्टियों की प्लानिंग पर असर पड़ सकता है।

