
जबलपुर। मध्य प्रदेश अजाक्स कर्मचारी संघ, भोपाल ने मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के कुछ प्रावधानों की संवैधानिकता को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में नियम 11 की उपधाराओं (1), (2), (3), (4) तथा नियम 12(4) को संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के विपरीत बताते हुए निरस्त करने की मांग की गई है।
याचिका में दावा किया गया है कि नियमों के तहत पदोन्नति के लिए आरक्षित और अनारक्षित वर्ग की अलग-अलग मेरिट सूची तैयार की जाती है व पहले आरक्षित वर्ग के पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया अपनाई जाती है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इससे अनारक्षित पदों पर आरक्षित वर्ग के पात्र कर्मचारियों को मेरिट के आधार पर पदोन्नति का अवसर नहीं मिल पाता। संघ ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों और संविधान के अनुच्छेद 14 व 16 का हवाला देते हुए नियमों को चुनौती दी है। याचिका में पदोन्नति के लिए रिक्त पदों के मुकाबले दो गुना प्लस चार कर्मचारियों को विचारणीय सूची में शामिल किए जाने पर भी सवाल उठाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि केंद्र सरकार के नियमों में पांच गुना तक सूची तैयार करने का प्रावधान है।
मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने मामले को विचारार्थ स्वीकार करते हुए इसे लंबित याचिका से लिंक कर 16 अक्टूबर को विशेष बेंच के समक्ष सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।