
जबलपुर । विद्यार्थियों और भावी पीढ़ी को मिट्टी की सेहत के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिले में स्थित पीएम श्री विद्यालयों में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा स्कूल सॉइल हेल्थ प्रोग्राम का संचालन किया जायेगा। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को मृदा परीक्षण का सैद्धान्तिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जायेगा तथा रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से मिट्टी और मानव स्वास्थ्य पर पढऩे वाले दुष्प्रभावों से अवगत कराया जायेगा। स्कूल सॉइल हेल्थ प्रोग्राम के संचालन को लेकर आज कृषि अधिकारियों एवं पीएम श्री स्कूलों के शिक्षकों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट स्थित उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास कार्यालय में आयोजित इस बैठक में कृषि विभाग के नोडल अधिकारियों द्वारा पीएम श्री स्कूलों के शिक्षकों को खेत से सही तरीके से मृदा का नमूना लेने की विधि के बारे में प्रशिक्षित किया गया।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि मिट्टी का स्वास्थ्य अच्छा होगा तो हम सब स्वस्थ रहेंगे। बैठक में बताया गया कि अधिक उत्पादन की होड़ में कृषि भूमि में रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक मात्रा में उपयोग किया जा रहा है, जबकि इनका उपयोग केवल संतुलित मात्रा में ही होना चाहिए। अंधाधुंध और अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति क्षीण हो रही
है, भू-जल प्रदूषित हो रहा है और खाद्य श्रृंखला पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। समय की मांग है कि रासायनिक खादों पर निर्भरता कम कर और मृदा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों। बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार आने वाले दिनों में स्कूलों के छात्र-छात्राओं को मृदा परीक्षण का
सैद्धान्तिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा उन्हें खेतों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे मैदानी स्तर पर मिट्टी की सेहत को समझ सकें। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय से कक्षा 8वीं, 9वीं एवं 11वीं के विद्यार्थियों का चयन किया जायेगा। चयनित विद्यार्थियों का विधिवत पंजीयन कराकर उनके माध्यम से मिट्टी के नमूने एकत्र किये जायेंगे
