मुंबई, 25 मई (वार्ता) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को सूक्षम, लघु एवं मझोले उद्यम क्षेत्र (एमएसएमएई) क्षेत्र के लिए यहां भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) की कई नयी पहलों का शुभारंभ किया और पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर देश के उद्योग-व्यापार क्षेत्र की मदद के लिए किये गये विभिन्न उपायों की जानकारी दी। वित्त मंत्री ने सिडबी के 37वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि एमएसएमएई क्षेत्र भारत की विकास यात्रा, रोज़गार सृजन और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए केंद्रीय महत्व रखता है। उन्होंने पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति से प्रभावित क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाये गये विभिन्न उपायों का भी उल्लेख किया, जिसमें आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस 5.0) भी शामिल है। कोविड19 महामारी काल में शुरू की गयी इस योजना का मुख्य उद्देश्य महामारी और अंतरराष्ट्रीय संकटों से प्रभावित व्यवसायों, छोटी-मझोली इकाइयों और अन्य उद्योगों को वित्तीय संस्थानों के माध्यम से अतिरिक्त ऋण सहायता प्रदान करना है। अतिरिक्त कर सहायता के लिए सरकार बैंकों को अपनी ओर से गारंटी प्रदान कराती है।
वित्त मंत्री ने सिडबी को सरकार की ओर से 5000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त शेयर पूंजी दिये जाने के कार्यक्रम के संदर्भ में कहा कि सिडबी की भूमिका बाजार बाज़ार निर्माता की है। इस अतिरिक्त पूंजी से वह एमएसएमई क्षेत्र के लिए बड़ी सहायता कर बाजार का विस्तार करने में समर्थ होगी श्रीमती सीतारमण ने इस अवसर पर सिडबी की कई रणनीतिक पोर्टल/पहलें भी शुरू कीं, जिन्हें एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने, अंतिम-छोर तक ऋण वितरण को बेहतर बनाने और ग्रामीण उद्योगों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को तेज़ करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इनमें सिडबी आरआरबी को-लेंडिंग पोर्टल , मशीन ऋण सहायता डिजिटल प्लेटफार्म सिडबी-मैकफिन , मोर (ग्रामीण उद्यमों का आधुनिकीकरण) पहल भी शामिल है जिसका उद्देश्य अगले तीन वर्षों में 10,000 ग्रामीण सूक्ष्म और कारीगर इकाइयों को, ऐसे ग्रामीण / कारीगर समूहों में क्लस्टर-आधारित समाधानों के माध्यम से परिवर्तनकारी सहायता प्रदान करना है।
इस कार्यक्रम में वित्तीय सेवा विभाग का ‘सूक्ष्म उद्यमों के लिए क्रेडिट कार्ड’ कार्यक्रम भी लॉन्च किया गया। उद्यम में पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों के लिए पांच लाख रुपये की सीमा वाले इन क्रेडिट कार्डों को इस उद्देश्य के साथ डिज़ाइन किया गया है कि वे अपनी कार्यशील पूंजी की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए आसान शर्तों पर और तेज़ प्रक्रिया के माध्यम से ऋण प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में वित्तीय सेवा विभाग के विशेष सचिव संजय लोहिया ने सिडबी के नेतृत्व और कर्मचारियों के उस योगदान की सराहना की, जिसके बल पर उन्होंने एक ऐसी संस्था का निर्माण किया है जिसकी पूरे वित्तीय क्षेत्र में विश्वसनीयता है। सिडबी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मनोज मित्तल ने इस अवसर पर कहा कि ये पहलें, डिजिटल माध्यमों और साझेदारियों के ज़रिए एमएसएमई वित्त पोषण में बदलाव लाने के सिडबी के निरंतर प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

