
जबलपुर। गोराबजार अंतर्गत बिलहरी में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने खुलासा किया है कि अस्पताल में खुद को मददगार बताने वाला व्यक्ति ही असल में युवती का हत्यारा निकला। चरित्र शंका और एक तरफा प्रेम के चलते सिरफिरे आरोपी ने युवती का सिर जमीन पर पटका और गला घोंटकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने कबूल किया कि मृतिका दूसरे व्यक्ति से बात करती थी इसलिए उसने उसे मौत के घाट उतार दिया था । आरोपित को न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक मूलत: ग्राम घुघरी जिला मंडला की रहने वाली नंदनी आर्मो (19) पिछले तीन महीनों से अपनी छोटी बहन देववती के साथ बिलहरी में रहकर मजदूरी करती थी। 4 अक्टूबर की शाम को देववती ने कमरे में नंदनी को बेहोश पाया। इसके बाद, गाँव के ही प्रमोद महोबिया और देवेन्द्र आर्मो की मदद से नंदनी को पहले शासकीय अस्पताल और फिर विक्टोरिया अस्पताल ले जाया गया था जहाँ डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। लेकिन जब पुलिस ने मृतिका की बहन, पिता सूबे सिंह और अन्य साक्ष्यों के बयान दर्ज किए, तो इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ ।
बयान दर्ज हुए तो उठा राज से पर्दा
गोराबजार थाना प्रभारी संजीव त्रिपाठी ने बताया कि मृतका के परिजनों ने पूछताछ में खुलासा किया कि अस्पताल पहुँचाने में मदद करने वाले प्रमोद महोबिया ने ही नंदनी के साथ बेरहमी से मारपीट की थी और उसका गला दबाकर सिर जमीन पर दे मारा था, जिससे उसकी मौत हुई। पुलिस टीम ने आरोपी प्रमोद महोबिया 34 वर्ष निवासी कटियाघाट, बरेला को कटियाघाट से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी प्रमोद महोबिया ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि वह गौर बिलहरी के पास यादव का खेत बटाई पर लेकर खेती करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात नंदनी से हुई थी और वह उसे पसंद करने लगा था। हाल ही में उसे पता चला कि नंदनी किसी अन्य व्यक्ति से भी फोन पर बातचीत करती है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद गुस्से में आकर उसने नंदनी का गला घोंट दिया और सिर जमीन पर पटककर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
