लंदन, 10 सितंबर (वार्ता) भारतीय सिनेमा की क्लासिक फिल्म ‘पाकीजा’ एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ने के लिए तैयार है। 70वें बीएफआई लंदन फिल्म फेस्टिवल में मीना कुमारी और कमाल अमरोही की इस उत्कृष्ट कृति के 4के रिस्टोर वर्जन को महोत्सव के अंतिम दिन दिखाया जाएगा, लेकिन बीएफआई की वेबसाइट के अनुसार, कमाल की बात यह है कि इसके शो के सारे टिकट एक माह पहले ही बिक चुके हैं।
फिल्म की स्क्रीनिंग को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह है। टिकटों की जबरदस्त मांग के मद्देनजर स्टैंडबाय कतार में भी लोग टिकटें खरीद रहे हैं यानी अगर कोई अंतिम वक्त पर अपना टिकट रद्द कराता है तो फिल्म के टिकट के हकदार हो सकेंगे।
खास बात यह है कि ‘पाकीजा’ को अपनी मूल रंगत और गुणवत्ता में वापस लाने का काम भारत के गैर-लाभकारी संगठन फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन ने किया है। संगठन ने करीब दो वर्षों के अथक प्रयास के बाद ‘पाकीजा’ को 4के तकनीक में नया जीवन दिया है। इसे नया जीवन देने में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि फिल्म के मूल कैमरा निगेटिव नष्ट हो चुके थे। इसके बावजूद, फाउंडेशन ने उपलब्ध 35 एमएम इंटरपॉजिटिव और अन्य प्रिंटों से फंगस, खरोंच और धुंधलेपन को हटाकर इसके विजुअल्स और साउंड को फिर से जीवंत किया है। निर्देशक कमाल अमरोही की ‘पाकीजा’ को बनने में 15 वर्ष से अधिक का समय लगा था। 1972 में इसके रिलीज होने के कुछ ही हफ्तों बाद अभिनेत्री मीना कुमारी का निधन हो गया था, जिससे यह उनकी आखिरी फिल्म बन गई।

