ग्वालियर:हाल में बागेश्वर धाम में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में हाईकोर्ट ने एसपी को एसआईटी गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की अदालत ने आरोपी राजू जाटव की दूसरी जमानत याचिका को खारिज करते हुए यह महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया। इस मामले में आए नए मोड़ों के कारण हाई कोर्ट ने नए सिरे से गहरी जांच के आदेश दिए हैं। पीड़िता के दो महीने के गर्भपात के बाद भ्रूण की फॉरेंसिक जांच कराई गई थी।
डीएनए रिपोर्ट में सामने आया कि मुख्य आरोपी राजू जाटव उस भ्रूण का जैविक पिता नहीं है। सुनवाई के दौरान कोर्ट में जिरह के समय नाबालिग पीड़िता अपने पहले दिए बयानों से मुकर गई और उसने कहा कि राजू ने उसके साथ दुष्कर्म नहीं किया था। हालांकि, शुरुआती बयानों में उसने राजू जाटव पर ही बागेश्वर धाम में दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
अदालत ने कहा कि भले ही आरोपी का डीएनए मैच नहीं हुआ और पीड़िता मुकर गई, लेकिन यह सच है कि नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बने और वह गर्भवती हुई। असली दोषी का पता लगाना जरूरी है।हाई कोर्ट के आदेश के बाद छतरपुर एसपी ने एसडीओपी खजुराहो के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर दिया है। इस टीम को 2 महीने के भीतर यह पता लगाना है कि नाबालिग का यौन उत्पीड़न किसने किया था और भ्रूण का असली जैविक पिता कौन है।
