नागपुर की तर्ज पर जबलपुर बने नो डीजे शहर

जबलपुर। शहर को नो डीजे शहर बनाया जाये। नागपुर में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यही नागपुर मॉडल जबलपुर में अपनाया जाये। डीजे के भारी शोर से हार्ट अटैक के मामले बढ़ गये हैं, यहां तक कि गर्भस्थ शिशुओं पर विपरीत परिणाम हो रहे हैं। अत: कानफाडू शोर कराने के आरोप में डीजे लगाने वालों पर हत्या की कोशिश का मामला दर्ज हो।यह मांग करते हुए नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, भारतीय वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन, सीनियर सिटीजन वेलफेयर संघ, महिला समिति, पेंशनर्स समाज आदि संगठनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर एसपी को शिकायत सौंपी।

इस अवसर पर डॉ. पी.जी. नाजपांडे, टी. के. रायघटक, एड. वेदप्रकाश अधौलिया, सुभाष चन्द्रा, सुशीला कनौजिया, संतोष श्रीवास्तव, मनीष शर्मा, पी.एस. राजपूत, अशोक यादव, श्याम सोलंकी, के.सी. सोनी, घनश्याम सोनकर, एड. ब्रजेश साहू, प्रफल्ल सक्सेना, व्ही. एन. कमलाकर, दिलीप कुण्डे, राममिलन शर्मा आदि उपस्थित थे।

Next Post

बालाघाट-लालबर्रा विधानसभा के किसानों के लिए बड़ी सौगात

Tue Oct 6 , 2026
बालाघाट, बालाघाट विधानसभा क्षेत्र के किसानों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित मांग अब पूरी होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। पाथरी लघु जलाशय की नहरों के सुदृढ़ीकरण एवं लाइनिंग कार्य, जिसकी लागत लगभग ₹2.70 करोड़ है, को पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति मिलने की जानकारी सामने आई है। […]

You May Like