
पांढुरना, बहुप्रतीक्षीत भूली जलाशय निर्माण से प्रभावित किसानों ने बीते दिवस मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव के पांढुरना नगर आगमन पर उनसे भेट कर अपनी समस्या बताई थी,वहीं इन किसानों से संवाद कर उनकी समस्या सुनने सोमवार को ग्राम भूली पहुंचे अधिकारियों ने ग्राम के बाहर कैंप लगा किसानों का घंटो इंतजार करते रहे,लेकिन यहां कोई भी किसान नहीं पहुंचने पर इन सभी अधिकारियों को बैरंग ही लौटना पड़ा।
रविवार को पांढुरना नगर में पहुंचे मुख्यमंत्री डां.मोहन यादव से ग्राम भूली जलाशय निर्माण में चार ग्रामों के किसानों की पुश्तैनी कृषि भूमी के साथ ही दो ग्रामों को विस्थापित किया जाना है,इन किसानों का आरोप है कि शासन द्वारा किसानों को उनके खेतों को कम मुआवजा दिया जा रहा है,वहीं ग्राम भूली तथा खडकी के ग्रामों को यहां से हटाकर अन्यत्र विस्थापित किया जा रहा है,उसके संदर्भ में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी बता नहीं रहें,वहीं इन्हें बिना बताएं विभागीय अधिकारियों द्वारा सर्वे किए जाने के कारण ग्रामीणों तथा कृषकों में भारी आक्रोश व्याप्त है ।
ग्रामीणों के आक्रोश के चलते 29 को भी बैरंग लौटे थे अधिकारी 000
इस भूली जलाशय निर्माण में सर्वाधिक प्रभावित ग्राम भूली के किसानों की पुश्तैनी खेती के साथ ही इस ग्राम को यहां से विस्थापित किया जाना है,इसी ग्राम का सर्वे करने बीते 29 सितंबर 2026 को ग्राम भूली में पहुंचे राजस्व विभाग के अधिकारियों को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पडा था जिसके कारण बिना सर्वें किए है विभाग के अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा था।
ग्राम में कैंप लगाकर किसानों की प्रतिक्षा करते रहें अधिकारी 000
वहीं आज सोमवार को अनुविभागीय अधिकारी अलका एक्का,तहसीलदार,राजस्व निरीक्षक,पटवारी अन्य ग्राम भूली पहुंचे जहां उन्होंने कैम्प लगाकर ग्रामीणों तथा कृषकों को चर्चा के लिए आमंत्रित भी किया,लेकिन दोपहर से शाम तक इंतजार के बाद भी इस कैंप में अधिकारियों से संवाद करने कोई भी कृषक तथा ग्रामीण नहीं पहुंचे।
… तभी अधिकारियों से संवाद करेंगे किसान 000
अंत:देर शाम अधिकारियों ने ग्राम भूली के पंचायत कार्यालय में पहुंचकर यहां उपस्थित कुछ जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणों से चर्चा की इस दौरान सभी ने अधिकारियों को बताया ग्राम के बाहर कैम्प न लगाते हुए ग्राम में कैंप लगाया जाए और ग्रामीणों को इसकी सूचना दो दिन पहले दी जानी चाहिए तभी सभी लोग इस कैम्प में उपस्थित होंगे।
इनका कहना है .. .. ..
प्रभावित किसानों,ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्या सुनने ही ग्राम में पहुंचकर कैम्प लगा सुबह से शाम तक बैठे रहें,लेकिन कोई भी चर्चा करने नहीं पहुंचे,जब तक किसान,ग्रामीण अपनी समस्या नहीं बताएंगे तब तक उसका निराकर कैसे हो पाएंगा ? इनसे चर्चा करने हम मंगलवार को फिर ग्राम में पहुंचकर किसानों,ग्रामीणों से बात करने का प्रयास करेंगे ।
श्रीमती अलका एक्का एसडीएम पांढुरना
