वरिष्ठ नागरिक परिवार और समाज के वटवृक्ष, उनके अनुभव नई पीढ़ी के लिए अमूल्य : मंत्री निर्मला भूरिया

झाबुआ. झाबुआ में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत संचालित सेवा मेरा योगदान गतिविधियों के तहत रविवार को वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं अंतर-पीढ़ीगत जुड़ाव कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और आत्मीयता की भावना को मजबूत करने के साथ युवा पीढ़ी एवं वरिष्ठजनों के बीच संवाद और अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा की अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर वरिष्ठजनों के सम्मान और अंतर-पीढ़ीगत संवाद का यह आयोजन महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समय के साथ जीवनशैली और पीढ़ियों के बीच सोच में बदलाव स्वाभाविक है, लेकिन वरिष्ठजनों से प्राप्त संस्कार, अनुभव, जीवन मूल्य और मार्गदर्शन का महत्व कभी कम नहीं होता।

मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा की पहले संयुक्त परिवारों में कई पीढ़ियां एक साथ रहती थीं। इससे बच्चों को बुजुर्गों के अनुभव और संस्कारों को करीब से समझने का अवसर मिलता था। वर्तमान में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर है तथा बच्चे मोबाइल और आधुनिक तकनीक से बहुत कुछ सीख रहे हैं। ऐसे समय में जरूरी है कि तकनीक का सकारात्मक उपयोग किया जाए, लेकिन इसके साथ पारिवारिक संस्कार और सामाजिक मूल्यों को भी बनाए रखा जाए।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन परिवार और समाज के वटवृक्ष के समान हैं। उनके अनुभव जीवन की कठिन परिस्थितियों में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। वृद्धजन हमारी अमूल्य धरोहर हैं और उनका सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। साथ ही नई पीढ़ी को भी वरिष्ठजनों के अनुभवों और योगदान का महत्व समझाना आवश्यक है।

कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कहा कि ‘सेवा मेरा योगदान’ के माध्यम से अंतर-पीढ़ीगत संवाद की पहल सराहनीय है। वरिष्ठजन हमारी परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के संवाहक हैं। उनके अनुभवों से नई पीढ़ी बहुत कुछ सीख सकती है। ऐसे कार्यक्रम युवा और वरिष्ठ पीढ़ी को अपने विचार और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं।

प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन की ओर से श्री ललित त्रिवेदी ने डे-केयर सेंटर की मांग रखी। इस पर कलेक्टर ने प्रशासन की ओर से आवश्यक प्रयास किए जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने वरिष्ठजनों से निरंतर संवाद बनाए रखने तथा अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन तक पहुंचाने का आग्रह किया।

कलेक्टर ने बताया कि 7, 8 एवं 9 अक्टूबर को अरविंदो मेडिकल कॉलेज, इंदौर के सहयोग से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें विशेषज्ञ एवं सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों द्वारा वरिष्ठ नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श किया जाएगा। आवश्यकता होने पर फॉलोअप उपचार और ऑपरेशन के लिए भी प्रशासन द्वारा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज की जयंती दीदी ने बताया की ब्रह्माकुमारीज एवं भारत सरकार के मध्य हुए एमओयू के तहत वरिष्ठ नागरिकों से संवाद स्थापित कर पीढ़ियों के बीच दूरी कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियमित संवाद से वरिष्ठजनों के अनुभव और युवाओं की आधुनिक सोच का बेहतर समन्वय संभव है।

इस अवसर पर अंतर-पीढ़ीगत जुड़ाव कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। जयेन्द्र बैरागी ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए वरिष्ठजनों के अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष भानु भूरिया, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जितेन्द्र सिंह चौहान, प्रभारी उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग श्रीमती हेलेन वसुनिया सहित विभिन्न पेंशनर समूहों के सदस्य, वरिष्ठ नागरिक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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