
नीमच। शहर के गायत्री मंदिर रोड/सिंधी कॉलोनी-ग्वालटोली रोड क्षेत्र स्थित जीवाजी राव छात्रावास परिसर में शनिवार को नगर पालिका और जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए परिसर को खाली करवाया और भूमि का आधिपत्य अपने कब्जे में लिया। कार्रवाई के दौरान छात्रावास भवन को जेसीबी की मदद से ध्वस्त किया गया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस जवान, प्रशासनिक अधिकारी, नगर पालिका और राजस्व अमला मौजूद रहा। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार कार्रवाई सुबह शुरू हुई और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
नगर पालिका के अनुसार संबंधित भूमि वर्ष 1955 में छात्रावास निर्माण के उद्देश्य से कालिदास शिक्षण समिति को दी गई थी। मध्यप्रदेश विधानसभा के रिकॉर्ड में भी 4,32,000 वर्गफीट भूमि छात्रावास निर्माण के लिए दिए जाने तथा पंजीकृत हस्तांतरण दस्तावेज नहीं होने का उल्लेख मिलता है।
कोर्ट से स्टे हटने के बाद कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार भूमि को लेकर न्यायालय में मामला चल रहा था। हालिया अदालती आदेश के बाद समिति के पक्ष में पूर्व में मिला अंतरिम संरक्षण समाप्त होने की बात प्रशासन की ओर से कही गई, जिसके बाद नगर पालिका ने जमीन का कब्जा लेने की कार्रवाई की। स्थानीय रिपोर्टों में भी 24 सितंबर के अपीलीय आदेश के बाद कार्रवाई किए जाने का उल्लेख है।
जर्जर भवन में रह रहे छात्रों को किया जा रहा शिफ्ट
एसडीएम पराग जैन के अनुसार छात्रावास भवन की स्थिति जर्जर थी और वहां रह रहे बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी प्रशासन ने स्थिति का जायजा लिया। छात्रों को प्रशासन द्वारा अन्य छात्रावास में स्थानांतरित करने की व्यवस्था की गई।
पेट्रोल पंप वाले हिस्से पर फिलहाल कार्रवाई नहीं
इसी भूमि से जुड़े पेट्रोल पंप सहित कुछ अन्य हिस्सों को लेकर मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन बताया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार जिस हिस्से पर न्यायालय का संरक्षण है, वहां फिलहाल कार्रवाई नहीं की गई।
समिति का भी अलग दावा
वहीं कालिदास शिक्षा समिति की ओर से पूर्व में यह दावा किया गया था कि उसका इस परिसर पर लंबे समय से कब्जा है और भूमि को लेकर न्यायालय में मामला अभी विचाराधीन है। समिति ने प्रशासन की कार्रवाई को न्यायालय में चुनौती देने की बात कही है।
नोट: भूमि की कीमत को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। मध्यप्रदेश विधानसभा के 2020 के रिकॉर्ड में 4.32 लाख वर्गफीट भूमि का उस समय का बाजार मूल्य करीब ₹77.08 करोड़ दर्ज है; वर्तमान मे 500 करोड़ का आकलन किया जा रहा हे
