रीवा: मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संजय गांधी अस्पताल में ड्रेस कोड का पालन नहीं हो रहा है। अस्पताल की व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 1300 आउटसोर्स कर्मचारी तैनात हैं। वार्ड ब्याय, सुरक्षा कर्मी, हाउस कीपर और टेक्नीशियन के रूप में सेवाएं देने के लिए इनकी नियुक्ति की गई है। संभागायुक्त ने बीते दिन साफ निर्देश दिए थे कि ड्रेस कोड का पालन किया जाए, लेकिन अभी भी ज्यादातर कर्मचारी बिना ड्रेस के ड्यूटी कर रहे हैं।
डीन ने सुबह किया औचक निरीक्षण
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एसडी गर्ग ने दो दिन पूर्व एसजीएमएच का सुबह के समय औचक निरीक्षण किया। इस दौरान काफी कर्मचारी बिना ड्रेस के मिले, जिस पर उन्होंने कंपनी को ड्रेस कोड का पालन कराने के लिए सख्त हिदायत दी है। गौरतलब है कि रीवा में आउटसोर्स का काम हाइट्स कंपनी को मिला है, उसने यहां इस कार्य के लिए एजाइल को अधिकृत कर दिया है। बिना ड्रेस वाले कर्मचारियों का जवाब रहता है कि कंपनी की ओर से उन्हें ड्रेस नहीं दिए जाने की वजह से यह स्थिति निर्मित रहती है।
पहचानना हो रहा मुश्किल
ड्रेस के अभाव में इन कर्मचारियों को पहचानना मुश्किल होता है। एसजीएमएच, जीएमएच और सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में काफी कर्मचारी बिना ड्रेस नौकरी कर रहे हैं। डीन ने कहा कि ड्रेस कोड का पालन हर किसी को करना होगा, ऐसा न करने पर कार्रवाई की जाएगी।
ड्यूटी के प्रति लापरवाही
सूत्रों की मानें तो कई ऐसे आउटसोर्स कर्मचारी हैं, जो ड्यूटी करने आते ही नहीं हैं। वहीं कई ऐसे हैं जो नर्सिंग होम में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। डीन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी आउटसोर्स कर्मचारी निर्धारित ड्यूटी करें।
